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Fatehabad: Do not route high-tension lines through agricultural fields; route them via government land — Farmers submit memorandum to SDM.
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फतेहाबाद : हाईटेंशन लाइन खेतों से न निकालें, सरकारी जमीन से ले जाएं - किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
टोहाना। राजस्थान से हिसार के सिवानी होते हुए पंजाब के पातड़ा तक बिछाई जा रही हाईवोल्टेज लाइन को लेकर टोहाना के आधा दर्जन गांवों के किसानों में भारी रोष है। सोमवार को बिढ़ाईखेड़ा, ललोदा, पृथला, सनियाना और लोहाखेड़ा के किसान समाधान शिविर में पहुंचे और एसडीएम आकाश शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इसकी प्रति केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सैनी को भी भेजी गई है।
किसानों का आरोप है कि बिजली निगम ने लाइन डालने को लेकर जो सर्वे किया है वह सही से नहीं किया और अनावश्यक रूप से लंबा किया गया है। ज्ञापन देने आए किसानों में विनोद बबली, मनदीप सिंह, हंसराज, रमेश, काला, आजाद सिंह लोहाखेड़ा ने कहा कि अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित बिजली लाइन सीधे खेतों और बागों के बीच से निकाली जा रही है।
बिढ़ाई खेड़ा के विनोद बबली ने कहा, "हमारे गांव में 1000 एकड़ में से 700 एकड़ में बागवानी है। अगर यह लाइन ऐसे ही निकली तो कम से कम 100 एकड़ बाग नष्ट हो जाएंगे। यह कोई छोटी लाइन नहीं है। तार बहुत मोटे और हैवी हैं। मशीनरी जाएगी तो सब कुछ तबाह हो जाएगा। इससे किसानों को करोड़ों का नुकसान होगा। किसान ने कहा कि लाइन के कारण सिर्फ आर्थिक ही नहीं, मानसिक परेशानी भी बढ़ गई है। "सर्वे से कोई भी गांव वाला संतुष्ट नहीं है। लाइन को लंबा खींचा गया है जबकि एक बेहतर विकल्प मौजूद है।"
किसानों ने मांग करते हुए कहा कि लाइन को आबादी और खेतों से हटाकर समैण से टोहाना-फतेहाबाद बाईपास के साथ-साथ बहने वाली भाखड़ा नहर के किनारे सरकारी जमीन से निकाला जाए। वहां करीब डेढ़-दो सौ फुट सरकारी जगह खाली पड़ी है। किसानों का तर्क है कि इससे एक तो लाइन छोटी और सीधी होगी, दूसरा सरकार को मुआवजा देने पर खर्च नहीं करना पड़ेगा और किसानों की जमीन भी बच जाएगी।
एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया है कि विभाग के अधिकारियों को दोबारा बुलाकर बैठक करवाई जाएगी और लाइन का दोबारा सर्वे कराया जाएगा।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे धरना और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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