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माकपा 24 मार्च को दिल्ली रामलीला मैदान में करेगी रैली, 12-13 मार्च को हिसार में आएगा जत्था
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करने जा रही है। पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरेंद्र मलिक
ने कहा कि इसमें अमेरिका से ट्रेड डील रद्द करवाने, बिजली विधेयक, बीज विधेयक, 4 लेबर कोड रद्द करवाने, खराब फसलों के मुआवजे, मनरेगा कानून बहाल करवाने और राशन कार्ड और बुढ़ापा पेंशन काटने के सवालों को उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में नीतियों के स्तर पर केरल मॉडल ही देश के लिए वैकल्पिक मॉडल हो सकता है।
पृथ्वी प्रभात भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरेन्द्र मलिक, जिला सचिव दिनेश सिवाच ने
बताया कि रैली की तैयारी में राज्य और जिला स्तर के जत्थे चलाए जा रहे हैं । जिनमें राष्ट्रीय और राज्य कमेटी के नेता भाग लेंगे। जत्थों में नाटक और गीतों की टीम भी शामिल होगी। हिसार में जत्था 12, 13 मार्च को दो दिन रहेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार हर रोज जनविरोधी निर्णय ले रही है। तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के जबरदस्त आंदोलन के बाद ये कानून वापस हुए थे परंतु ऐसा लगता है कि मोदी सरकार इसका बदला लेने के लिए लगातार किसान विरोधी नीतियों को आगे बढ़ा रही है। इसकी वजह से खेती पहले से ज्यादा संकट में है। श्रम कानूनों को बदल कर 4 लेबर कोड लागू किए गए जो एक तरह से मजदूरों के लिए गुलामी का दस्तावेज है। इससे यूनियन बनाने का अधिकार छीन जाएगा, काम के घंटे बढ़ जाएंगे और मजदूर की हालात और ज्यादा खस्ता होगी। मनरेगा कानून बदल कर इसे वीबी ग्राम जी के नाम से नए रूप में पेश किया गया है जो एक तरह से मनरेगा को ही समाप्ति की ओर ले जाएगा। बिजली विधेयक और बीज विधेयक संसद में लाए गए हैं। बिजली विधेयक बिजली निजीकरण को लाएगा, इसके तहत स्मार्ट मीटर भी लगेंगे जो अपने आप में गरीब आदमी के लिए बिजली की पहुंच दूर कर देंगे। बीज विधेयक किसानों के लिए अपने बीज से और उसकी संप्रभुता को समाप्त कर देंगे और खेती को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हवाले कर देंगे। अमेरिका के साथ की जा रही ट्रेड डील और रूस से तेल लेने पर रोक लगाने के दबाव के कारण भारत की जनता और किसानों के लिए अपमानजनक है और हमारी संप्रभुता के लिए खतरा है।इस मौके पर शकुंतला जाखड़, रोहतास राजली, मनोज सोनी, शरबत पूनिया, सतबीर धायल, कपूर बगला, हितैष कुमार, सुरेश गिरधर आदि उपस्थित थे।
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