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Farmers Stage Sit-in at Mini Secretariat in Hisar Demanding Insurance Claims; Issue 15-Day Ultimatum
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हिसार में बीमा क्लेम की मांग को लेकर किसानों ने लघु सचिवालय पर दिया धरना, 15 दिन का अल्टीमेटम
फसल खराबी, बीमा क्लेम की मांग को लेकर पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने वीरवार को लघु सचिवालय के गेट पर किसानों ने धरना दिया। प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि बीमा कराने वाले किसानों को बीमा क्लेम के तौर पर 426 ,983 रुपये दिए गए हैं।
किसानों ने प्रशासन को समाधान के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। 15 दिन में अगर समस्या हल नहीं की तो किसान लघु सचिवालय गेट पर पक्का मोर्चा लगाएंगे। धरने के बाद जिला प्रशासन ने किसानों के प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए बुलाया।
धरने की अध्यक्षता करते हुए पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघष समिति के जिला प्रधान सतीश बेनीवाल ने कहा कि वर्ष 2025 में अत्यधिक बारिश के कारण फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं। एचडीएफसी बीमा कंपनी की ओर से किसानों के खातों में नाममात्र का ही क्लेम डाला गया है। बीमा रकम के नाम पर किसानों के साथ मजाक किया गया है। हजारों रुपये की बीमा प्रीमीयम जमा कराने वाले किसानों को 426 ,983 रुपये दिए गए हैं। काफी किसानों को 200-250 रुपये भेजे गए हैं।
समिति के राज्य प्रधान मनदीप सिंह नाथवान ने कहा कि सरकार किसानों के नाम पर नीतियां तो बना रही है, लेकिन ये नीतियां किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर कर रही हैं। हिसार के लिए 17 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम स्वीकृत होने के बाद मामूली रकम भेजी जा रही है। खरीफ फसल में क्रॉप कटिंग के आधार पर के बीमा क्लेम करीब 250 करोड़ रुपये वितरित किया जाना था। समिति के प्रदेश महासचिव संदीप सिवाच ने बताया कि हिसार जिले के किसानों का वर्ष 2022 का बीमा क्लेम भी अब तक लंबित है।
जिला प्रशासन ने किसानों के प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए आमंत्रित किया । बैठक में जिला राजस्व अधिकारी श्यामलाल, जिला पंचायत विकास अधिकारी नरेंद्र कुमार, जिला कृषि उप निदेशक डॉ. राजबीर सिंह तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के साथ किसानों की बातचीत हुई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर बीमा क्लेम किसानों के खातों में नहीं डाला गया तो गेहूं कटाई के बाद लघु सचिवालय के दोनों गेट बंद कर पक्का मोर्चा लगाया जाएगा।
25 हजार किसानों ने सोलर टयूबवैल कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। जिसके बदले महज 7 हजार किसानों को ही कनेक्शन दिए गए।
बचे हुए 18 हजार किसानों को अब तक उनका एक एक लाख रुपये सिक्योरिटी मनी वापस लौटाई जाए। अलग अलग आंदोलनों में 7653 किसानों पर दर्ज केस खारिज किए जाएं। पैक्स पर 40 प्रतिशत की बजाए 80 प्रतिशत खाद उपलब्ध कराइ जाए। बीमा कंपनी के प्रतिनिधि सुनील कुमार ने बताया कि330 करोड़ का बीमा बना है। जिसमें 160 करोड़ किसानों के खाते में डाल दिया है। 60 करोड़ दो से तीन दिन में जारी किए जाएंगे। इस महीने के अंत तक पूरा बीमा क्लेम दे दिया जाएगा।
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