{"_id":"68415e4df2c82429140af324","slug":"video-nauni-bharadighat-four-lane-brahmapukhar-and-vinayak-ghat-will-be-sacrificed-for-development-2025-06-05","type":"video","status":"publish","title_hn":"Bilaspur: नौणी-भराड़ीघाट फोरलेन: विकास की भेंट चढ़ेगा ब्रह्मपुखर, विनायक घाट का अस्तित्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur: नौणी-भराड़ीघाट फोरलेन: विकास की भेंट चढ़ेगा ब्रह्मपुखर, विनायक घाट का अस्तित्व
शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के तहत भराड़ी घाट से नौणी तक के सेक्शन पैकेज नंबर-2 के निर्माण को हरी झंडी मिलते ही निर्माण कार्य की तैयारी तेज हो गई है। कंपनी साइट पर पहुंच चुकी है और प्रभावितों ने भी अपने मकानों को हटाना शुरू कर दिया है। लेकिन इस विकास की कीमत ब्रह्मपुखर और विनायक घाट जैसे ऐतिहासिक पड़ावों को चुकानी पड़ रही है। जहां कभी छांवदार पेड़ों के नीचे राहगीर सुस्ताया करते थे, अब वहां डोजर चलने वाले हैं। पेड़ कटेंगे, विश्राम स्थल टूटेंगे और वह सब कुछ इतिहास बन जाएगा जो पीढ़ियों से गांव की पहचान रहा है। ब्रह्मपुखर, इस नाम के पीछे ही इसकी कहानी है। ब्रह्म यानी पीपल और पुखर यानी तालाब। यह वही स्थान है जहां सरकारी सहायता से एक बड़ा तालाब बना था। गांव के लोग 1980 के दशक तक इसी से पानी भरते थे। 1987–88 में जलापूर्ति योजना शुरू होने के बाद तालाब बंद कर दिया गया, लेकिन इस स्थान की पहचान बनी रही। यहां दो पीपल और एक बड़ के पेड़ हैं जो आज भी सैकड़ों साल पुराने हैं। इन्हें स्वर्गीय निक्कू राम नड्डा ने लगवाया था। ये पेड़ सिर्फ छांव नहीं देते, बल्कि गांव की सांसों में बसे हैं। आसपास सुंदर चौक, बैठने की जगह, और ठंडी हवा वाला यह स्थान आज भी राहगीरों को शहर से अलग एक सुकून देता है। विनायक घाट में भी दो पीपल और एक बड़ का दरख़्त है। यहां से गुजरने वाले यात्रियों के लिए यह जगह सालों से थकान मिटाने की छांव देती रही है। खास बात यह कि यहां लखु राम चौधरी द्वारा चलाई जा रही 50 साल पुरानी 'परो' (जलसेवा स्थान) है, जहां आज भी मिट्टी के मटकों में ठंडा पानी और मलाईदार चाय लोगों को राहत देती है। अब यह परो भी खत्म होने जा रही है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।