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Manali: Scientists say the Himalayas are growing 1 to 17 mm, and climate change is also a cause of the disaster
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मनाली: वैज्ञानिक बोले- एक से 17 मिमी ग्रोथ ले रहा हिमालय, मौसम परिवर्तन भी आपदा की वजह
लाहौल घाटी के सिस्सू में स्थापित होने वाले ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) अर्ली वार्निंग सिस्टम का निरीक्षण करने के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम ने मनाली में उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य डॉ. दिनेश कुमार असवाल और एनडीएमए के सचिव मनीष भारद्वाज दो दिवसीय दौरे पर आए थे। सिस्सू झील का निरीक्षण करने के बाद गुरुवार को मनाली में हुई बैठक में आपदा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मंथन किया गया।
असवाल में कहा गया कि हिमालय की एक से 17 मिमी तक ग्रोथ हो रही है। इसके साथ ही मौसम परिवर्तन जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। अवैज्ञानिक तरक्की भी प्रकृति के नियमों विपरीत हो रही है, जिसमे दूरगामी प्रभाव पड़ नजर आ रहे है। बाढ़ आना और ज्यादा नुकसान होना भी इसी का परिणाम है। डॉ. असवाल ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट के तौर पर स्थापित होने वाले ग्लोफ अर्ली वार्निंग सिस्टम का निरीक्षण करना और इसके तकनीकी पहलुओं को समझना था। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में ग्लेशियर की झीलों के फटने से अचानक आने वाली बाढ़ एक बड़ी चुनौती है। सिस्सू झील में स्थापित होने वाली यह आधुनिक प्रणाली आपदा आने से पहले ही चेतावनी जारी करने में सक्षम है। एनडीएमए के अधिकारी इस प्रणाली के सफल प्रदर्शन और ज्ञान-साझाकरण सत्र के माध्यम से इसकी प्रभावशीलता का आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्तर पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बेहतर कार्य कर रही है। राज्य व केंद्र सरकार जनता की सुरक्षा के सेवा के लिए इस क्षेत्र में सदैव तत्पर है। इन प्रयासों से आम जनता का फ़ायदा होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए इस प्रयास का उद्देश्य बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकना है। उन्होंने कहा कि सरकार, मीडिया, सिविल सोसायटी के प्रयास ही इसमें प्रत्याशित सफलता प्रदान कर सकते हैं। बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे इस महत्वपूर्ण प्रणाली के सफल कार्यान्वयन और तकनीकी टीम के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए प्रदेश सरकार ने बढ़िया योजना बनाई है। ये सभी इंजीनियरिंग की विशिष्टता आधारित योजनाएं हैं। अतिरिक्त सचिव राजस्व एवं डीएमसी निशांत ठाकुर ने इसके अंतर्गत किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर मुख्य अभियंता जल शक्ति विभाग मंडी जोन द्वारा एक विस्तृत पीपीटी की प्रस्तुति दी गई। बैठक में उपायुक्त लाहौल स्पीति किरण भड़ाना, उपमंडल अधिकारी मनाली गुंजीत सिंह चीमा, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार, अधिशाषी अभियंता कुल्लू अमित ठाकुर, वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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