{"_id":"699c365bfc0def8525069da3","slug":"video-sirmour-teachers-protest-in-sirmour-teachers-will-take-to-the-streets-on-march-1-against-the-cluster-system-2026-02-23","type":"video","status":"publish","title_hn":"Sirmour: सिरमौर में शिक्षकों का हल्ला बोल, क्लस्टर सिस्टम के खिलाफ 1 मार्च को सड़कों पर उतरेंगे गुरुजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour: सिरमौर में शिक्षकों का हल्ला बोल, क्लस्टर सिस्टम के खिलाफ 1 मार्च को सड़कों पर उतरेंगे गुरुजी
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई क्लस्टर प्रणाली (कंपलेक्स सिस्टम) के खिलाफ शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ सिरमौर ने इस अधिसूचना को वापस लेने की मांग को लेकर 1 मार्च को जिला मुख्यालय पर एक विशाल आग्रह रैली निकालने का निर्णय लिया है। संघ ने इसके लिए जिला प्रशासन को विधिवत नोटिस सौंपकर अनुमति मांगी है। नाहन में सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान संघ के जिला प्रधान जय प्रकाश शर्मा और महासचिव चतर सिंह बताया कि प्रदेश कार्य परिषद के निर्णय के अनुसार सिरमौर के प्राथमिक शिक्षक 1 मार्च (रविवार) को सुबह 11 बजे रानीताल पार्क में एकत्रित होंगे। वहां से रैली के रूप में प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचेंगे। दोपहर 2 बजे उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर 23 सितंबर 2025 की अधिसूचना को तुरंत रद्द करने की मांग की जाएगी। शिक्षकों का मानना है कि सरकार द्वारा थोपा गया यह नया सिस्टम शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर कर रहा है। क्लस्टर सिस्टम के तहत एक स्कूल के प्रधानाचार्य को आसपास के कई स्कूलों का जिम्मा सौंपा गया है, जिससे शिक्षण कार्य से ज्यादा समय कागजी कार्रवाई और डाटा फीडिंग में बर्बाद हो रहा है। छोटे स्कूलों के संसाधनों को बड़े स्कूलों के साथ साझा करने की नीति से दूरदराज के स्कूलों में सुविधाओं की कमी होने का डर है। क्लस्टरिंग के नाम पर पदों को रैशनलाइज किया जा रहा है, जिससे कई स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने के बजाय उन्हें मर्ज किया जा रहा है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में स्कूलों के बीच की दूरी अधिक है। एक क्लस्टर हेड के लिए सभी संबद्ध स्कूलों की निगरानी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह रैली पूरी तरह से शांतिपूर्ण और कानून-व्यवस्था के दायरे में होगी। शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों और क्लस्टर सिस्टम की विसंगतियों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।