{"_id":"69871b3b899fa5793005634a","slug":"video-the-deputy-chief-minister-inaugurated-the-annual-technical-festival-of-iiit-una-2026-02-07","type":"video","status":"publish","title_hn":"उप मुख्यमंत्री ने आईआईआईटी ऊना के वार्षिक तकनीकी महोत्सव का किया शुभारंभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उप मुख्यमंत्री ने आईआईआईटी ऊना के वार्षिक तकनीकी महोत्सव का किया शुभारंभ
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना के वार्षिक तकनीकी महोत्सव ‘मेराकी-2026’ का शुभारंभ किया। यह टेकफेयर 7 से 9 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने मेराकी-2026 के लोगों तथा संस्थान की पत्रिका प्रगति परिमल का भी विमोचन किया। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने ड्रोन तकनीक और रोबोटिक्स के क्षेत्र में कार्य करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन तकनीक की आवश्यकता स्पष्ट रूप से महसूस हुई। ऐसे अनुभव यह दर्शाते हैं कि भविष्य में सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक की भूमिका अत्यंत निर्णायक होगी। उन्होंने युवाओं और तकनीकी संस्थानों से आह्वान किया कि वे इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें, ताकि भारत ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बन सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि टेकफेयर जैसे मंच युवाओं को नवाचार, सृजनशीलता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार एक सशक्त डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। अग्निहोत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक यह कल्पना करना भी कठिन था कि ऊना की धरती पर ट्रिपल आईटी जैसा प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान किसी तश्तरी में परोसकर नहीं मिला, बल्कि लंबे संघर्ष और अनेक बाधाओं को पार करते हुए स्थापित हुआ है। आज यहां हिमाचल के अनेक बच्चे अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान की ओर से स्थानीय युवाओं के लिए जो नए अवसर खोले गए हैं, उनका दीर्घकालीन लाभ क्षेत्र और प्रदेश दोनों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि तकनीक, ज्ञान और अनुसंधान का आदान-प्रदान विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आईआईआईटी ऊना की ओर से ऊना-हरोली क्षेत्र के लगभग एक हजार युवाओं के कौशल विकास के लिए विशेष पहल की जा रही है, जिस पर लगभग एक करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईआईआईटी ऊना द्वारा शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। ये एमओयू सीएसआईआर सीएसआईओ चंडीगढ़, सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी गुरदासपुर तथा सिद्धार्था इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी हैदराबाद के साथ किए गए। इन समझौतों से संयुक्त अनुसंधान, शैक्षणिक आदान-प्रदान, कौशल विकास और नवाचार के नए अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के निदेशक प्रोफेसर हीरालाल मुरलीधर सूर्यवंशी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी तकनीक को सशक्त करना आवश्यक है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।