Next Article
Followed
मध्य प्रदेश पूर्व विद्युत वितरण कंपनी ने विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए विद्युत चोरी के प्रकरण में जब्त किए गए आधा दर्जन ई-रिक्शा का प्रकरण न्यायालय में पेश किया। संभवत: यह पहला अवसर है जब विद्युत चोरी में वाहनों को जब्त कर उनका पंचनामा तैयार करने के बाद विद्युत विभाग द्वारा न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया है।
गौरतलब है कि विद्युत विभाग की टीम ने ओमती थानान्तर्गत स्थित एक मकान में विद्युत चोरी से चर्चिंग करते हुए आधा दर्जन ई-रिक्शा को जब्त किया था। विभाग के द्वारा विद्युत लाइन को क्षतिग्रस्त कर विद्युत चोरी करने मामले में अधिनियम की धारा 139 का प्रयोग करते हुए प्रकरण दर्ज किया गया था। विभाग द्वारा 6 लाख 66 हजार रुपये की बिलिंग तथा 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
ये भी पढ़ें- आपराधिक प्रकरण में आरोपी बनाए गए सब-रजिस्ट्रार को राहत, हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला बदला
नगर वृत्त के अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा ने बताया कि धारा 135 तथा 139 के तहत कार्यवाही करते हुए जब्त ई-रिक्शा का पंचनामा तैयार करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रकरण पंजीकृत किया गया था। न्यायालय के आदेश पर ई-रिक्शा को उनकी मालिकों के सुपुर्द कर दिया गया है। मप्र विद्युत अधिनियम 2003 में दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए विद्युत कंपनी को हुई क्षति की पूर्ति के लिए विशेष न्यायालय के समक्ष वाद प्रस्तुत करने कार्यवाही की जा रही है।
गौरतलब है कि विभाग द्वारा पूर्व में सिर्फ बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज किया जाता था। इसके अलावा बिजली बिल वसूली के लिए बैंक खातों को सीज करने की कार्यवाही की जाती थी। संभवत: यह पहला अवसर है जब विभाग द्वारा बिजली चोरी कर चार्चिंग हो रहे वाहनों को जब्त कर पंचनामा तैयार कर सीधे न्यायालय में प्रस्तुत किया है।
मध्य प्रदेश पूर्व विद्युत वितरण कंपनी ने विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए विद्युत चोरी के प्रकरण में जब्त किए गए आधा दर्जन ई-रिक्शा का प्रकरण न्यायालय में पेश किया। संभवत: यह पहला अवसर है जब विद्युत चोरी में वाहनों को जब्त कर उनका पंचनामा तैयार करने के बाद विद्युत विभाग द्वारा न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया है।
गौरतलब है कि विद्युत विभाग की टीम ने ओमती थानान्तर्गत स्थित एक मकान में विद्युत चोरी से चर्चिंग करते हुए आधा दर्जन ई-रिक्शा को जब्त किया था। विभाग के द्वारा विद्युत लाइन को क्षतिग्रस्त कर विद्युत चोरी करने मामले में अधिनियम की धारा 139 का प्रयोग करते हुए प्रकरण दर्ज किया गया था। विभाग द्वारा 6 लाख 66 हजार रुपये की बिलिंग तथा 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
ये भी पढ़ें- आपराधिक प्रकरण में आरोपी बनाए गए सब-रजिस्ट्रार को राहत, हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला बदला
नगर वृत्त के अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा ने बताया कि धारा 135 तथा 139 के तहत कार्यवाही करते हुए जब्त ई-रिक्शा का पंचनामा तैयार करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रकरण पंजीकृत किया गया था। न्यायालय के आदेश पर ई-रिक्शा को उनकी मालिकों के सुपुर्द कर दिया गया है। मप्र विद्युत अधिनियम 2003 में दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए विद्युत कंपनी को हुई क्षति की पूर्ति के लिए विशेष न्यायालय के समक्ष वाद प्रस्तुत करने कार्यवाही की जा रही है।
गौरतलब है कि विभाग द्वारा पूर्व में सिर्फ बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज किया जाता था। इसके अलावा बिजली बिल वसूली के लिए बैंक खातों को सीज करने की कार्यवाही की जाती थी। संभवत: यह पहला अवसर है जब विभाग द्वारा बिजली चोरी कर चार्चिंग हो रहे वाहनों को जब्त कर पंचनामा तैयार कर सीधे न्यायालय में प्रस्तुत किया है।