देवास जिले के एसडीएम आनंद मालवीय को उनके आदेश में आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग के आरोप में उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह द्वारा निलंबित किए जाने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
भाजपा जिला अध्यक्ष राय सिंह सेंधव ने प्रशासन की कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा कि किसी भी ज्ञापन या आवेदन पर पारित होने वाले आदेश प्रशासनिक भाषा और मर्यादा में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि एसडीएम द्वारा जारी आदेश में इस मर्यादा का पालन नहीं किया गया, इसलिए उज्जैन संभाग आयुक्त ने संज्ञान लेकर निलंबन की कार्रवाई की है।
वहीं, इंडियन नेशनल कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा कि क्या भाजपा सरकार में अब जनता को न्याय मांगने की भी अनुमति नहीं है? काश मोहन सरकार इतनी ही तेजी भागीरथपुरा कांड के वास्तविक दोषियों पर भी कार्रवाई करती। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इंदौर की घटना को लेकर जिला कांग्रेस को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने के कुछ ही घंटों बाद एसडीएम आनंद मालवीय को निलंबित कर दिया गया।
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज राजानी का बयान
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष मनोज राजानी ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री शासन का महत्वपूर्ण अंग होते हैं और उनके बयान को शासन का ही बयान माना जाता है। राजानी ने कहा कि घंटा शब्द का प्रयोग भले ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया हो, लेकिन न तो मुख्यमंत्री ने उसका खंडन किया और न ही सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई। इसका अर्थ है कि यह बयान सरकार की सहमति से दिया गया।
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मनोज राजानी ने कहा कि यदि मंत्री द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग गलत नहीं माना जाता, तो वही शब्द किसी एसडीएम स्तर का अधिकारी अपने आदेश में लिख दे, इस पर निलंबन की कार्रवाई करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अमर्यादित भाषा के प्रयोग पर कार्रवाई होनी चाहिए, तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को तत्काल मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए।
जवाबदेही का सवाल
राजानी ने कहा कि 17 लोगों की मौत की घटना में केवल अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। शासन करने वाले महापौर, पार्षद और सरकार की भी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी बनती है।
एसडीएम के आदेश पर कांग्रेस का बचाव
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एसडीएम आनंद मालवीय ने अपने आदेश में कोई गलत बात नहीं लिखी। सच को सच कहना अपराध नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के लिए इस प्रकार की भाषा का प्रयोग निंदनीय है और लोकतंत्र में मर्यादा तोड़ने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा जिला अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
एसडीएम आनंद मालवीय के निलंबन पर भाजपा जिला अध्यक्ष राय सिंह सेंधव ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या संगठन द्वारा दिए गए ज्ञापन या आवेदन पर प्रशासन को तथ्यात्मक अध्ययन के बाद मर्यादित और प्रशासनिक भाषा में आदेश जारी करना चाहिए। एसडीएम द्वारा इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते संभाग आयुक्त ने कार्रवाई की है।