आस्था अडिग रही, लेकिन प्रकृति के प्रहार ने इतिहास को झकझोर दिया। महाभारतकालीन मान्यता वाले सिद्धपीठ श्री टेकरी सरकार हनुमान मंदिर पर शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। रात करीब एक बजे तेज गर्जना के साथ गिरी बिजली ने मंदिर के भव्य मुख्य शिखर को पलभर में मलबे में बदल दिया। करीब 4 लाख रुपये की लागत से निर्मित शिखर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि मुख्य गर्भगृह और हनुमानजी की प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित हैं। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
शुक्रवार रात करीब 10 बजे से ही गुना का मौसम खराब हो गया था। धूलभरी आंधी और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के बीच टेकरी पहाड़ी स्थित मंदिर पर वज्रपात हुआ। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज आसपास के कई इलाकों तक सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बिजली गिरते ही शिखर के पत्थर दूर-दूर तक बिखर गए।
मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर के शीर्ष पर आधुनिक तड़ित चालक भी लगाया गया था, लेकिन वज्रपात इतना तीव्र था कि यह व्यवस्था भी नुकसान को रोक नहीं सकी। मुख्य शिखर के साथ परिसर में स्थित मां सरस्वती मंदिर की छोटी शिखरी को भी आंशिक क्षति पहुंची है। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और ट्रस्ट सदस्य मौके पर पहुंचे।
इस बड़ी घटना के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग रही। शनिवार सुबह से मंदिर में दर्शन व्यवस्था सामान्य बनी रही और बड़ी संख्या में भक्तों ने हनुमानजी के दर्शन किए। मंदिर समिति ने एहतियात के तौर पर क्षतिग्रस्त हिस्से की बैरिकेडिंग कर दी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। भक्तों का कहना है कि बजरंगबली की कृपा से गर्भगृह और प्रतिमा सुरक्षित बची रही।
पढ़ें: बकरीद के दूसरे दिन एमपी के इस शहर में तनाव: तीन बोरियों में मिला पशु का सिर और मांस, चार आरोपी हुए गिरफ्तार
वज्रपात का असर सिर्फ टेकरी मंदिर तक सीमित नहीं रहा। तेज आंधी के कारण शहर के कई इलाकों में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं एक निजी होटल में चल रहे वैवाहिक समारोह का बड़ा टेंट तेज हवा में उड़ गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई जगह पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं।
फिलहाल प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की टीमें युद्धस्तर पर मलबा हटाने और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा में जुटी हैं। ट्रस्ट पदाधिकारियों के मुताबिक क्षतिग्रस्त शिखर के पुनर्निर्माण को लेकर जल्द ही संत समाज और तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त बैठक होगी। पुरातत्व और स्थापत्य विशेषज्ञों की सलाह से शिखर का पुनर्निर्माण पहले से अधिक मजबूत और सुरक्षित तरीके से किया जाएगा।
श्री टेकरी सरकार हनुमान मंदिर मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि इसका संबंध महाभारत काल से है। हर मंगलवार और शनिवार यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वज्रपात की खबर से भक्तों में चिंता जरूर फैल गई, लेकिन प्रतिमा सुरक्षित रहने से सभी ने राहत की सांस ली।