मधुसूदनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम गुंजारी कला में दहेज की मांग और ससुरालवालों की प्रताड़ना से तंग आकर मालती बाई ने आत्महत्या कर ली। 25 वर्षीय मालती बाई, जो नसीरपुर निवासी विनोद की पत्नी थी, ने यह कठोर कदम उठाने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपनी तकलीफों और दहेज को लेकर ससुराल पक्ष द्वारा दी जा रही प्रताड़ना का खुलासा किया।
मालती का विवाह चार साल पहले विनोद से हुआ था, लेकिन शादी के बाद से ही उसके पति, सास और ससुर दहेज की मांग कर रहे थे। मालती ने अपने वीडियो में बताया कि ससुराल में उसे अपनाया नहीं गया, जिसके चलते वह अपने मायके में रह रही थी। पति विनोद द्वारा सम्मान न देने के कारण उसे अपने मायके और समाज में भी उपेक्षित महसूस करना पड़ा। ससुराल की मांगों और समाज की अनदेखी से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा, और जीने का उद्देश्य समाप्त होता दिखने लगा। अपने इस दर्द और मजबूरी को बयान करते हुए उसने आत्महत्या का फैसला किया।
मालती के पिता जमुनालाल का कहना है कि उन्होंने बेटी के ससुराल पक्ष के साथ समझौता कराने की हर संभव कोशिश की। उन्होंने पंचायत में मामला सुलझाने का प्रयास किया और केस भी दायर किया। बावजूद इसके, ससुराल पक्ष की दहेज की मांगें बढ़ती गईं—विनोद को मोटरसाइकिल चाहिए थी, और सास-ससुर को गहने। परिवार की आर्थिक स्थिति के चलते वे इन मांगों को पूरा नहीं कर सके।
मधुसूदनगढ़ पुलिस ने मालती के शव का पोस्टमार्टम करवाया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मालती ने अपनी अंतिम इच्छा जताई थी कि उसका वीडियो पुलिस तक पहुंचे ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।