हरदा जिले के टिमरनी स्थित एसडीएम कार्यालय परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक एक घोड़पड़ (गोरिया) दिखाई दी। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों ने जैसे ही इस बड़े सरीसृप को देखा, वहां हलचल बढ़ गई और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जाने लगी।
घटना की सूचना तुरंत नगर के वन्यजीव रेस्क्यू एक्सपर्ट बुलट यादव को दी गई, जो क्षेत्र में ऐसे मामलों के लिए जाने जाते हैं। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घोड़पड़ काफी सतर्क और तेज थी, जिससे उसे पकड़ना आसान नहीं था, लेकिन अपने अनुभव और सावधानी के चलते उन्होंने सफलतापूर्वक उसका रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि न तो घोड़पड़ को कोई नुकसान पहुंचे और न ही वहां मौजूद लोगों को किसी प्रकार का खतरा हो। कुछ देर की मशक्कत के बाद आखिरकार घोड़पड़ को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जो पूरे घटनाक्रम को देख रही थी।
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रेस्क्यू के बाद घोड़पड़ को नगर से दूर एक सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रह सके। इस कार्रवाई के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और बुलट यादव के प्रयासों की सराहना की।
विशेषज्ञों के अनुसार, घोड़पड़ आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करती, लेकिन घबराने पर आक्रामक हो सकती है। ऐसे में वन्यजीव दिखने पर घबराने के बजाय तुरंत विशेषज्ञों को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।