इंदौर में मंगलवार को पुलिस विभाग के 617 नव आरक्षकों का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। परेड के बाद जवानों ने हैरतअंगेज प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया और देशभक्ति व जनसेवा के प्रति समर्पण का परिचय दिया।
इंदौर की 15वीं वाहिनी परिसर स्थित मैदान में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में 617 नव आरक्षकों ने कड़ी मेहनत और पूर्ण समर्पण के साथ अपना प्रशिक्षण पूरा किया। समारोह के दौरान जवानों ने कदमताल करते हुए आकर्षक परेड प्रस्तुत की, जिसकी सलामी डीजीपी कैलाश मकवाना ने ली।
परेड के बाद नव आरक्षकों ने देशभक्ति और जनसेवा के लिए समर्पित शक्ति प्रदर्शन भी किया। इस दौरान जवानों ने ऊंचाई से छलांग लगाने, हाथों की ताकत से मजबूत और कठोर फर्सियों को कुछ ही सेकंड में तोड़ने जैसे रोमांचक प्रदर्शन किए। वहीं घुड़सवारी के प्रदर्शन को देखकर दर्शक दीर्घा में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर जवानों का उत्साहवर्धन किया।
इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि एपीटीसी और 15वीं वाहिनी के 617 जवानों की ट्रेनिंग पूरी हो गई है। अब ये जवान शिवपुरी, भोपाल, गुना, ग्वालियर और बालाघाट सहित विभिन्न जिलों में अपनी सेवाएं देंगे।
उन्होंने प्रदेश में पुलिस बल की कमी को स्वीकार करते हुए कहा कि वर्ष 2025 में 8,500 पदों पर भर्ती की गई थी। वहीं, वर्ष 2026 में 10,500 आरक्षकों की भर्ती के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। इसके लिए पत्राचार भी किया जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन जल्द ही अनुमति प्रदान करेगा, क्योंकि वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ का बड़ा आयोजन होना है, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस बल की आवश्यकता पड़ेगी।
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डीजीपी ने बालाघाट में नक्सलवाद के मुद्दे पर कहा कि 11 दिसंबर 2025 को मध्य प्रदेश पूरी तरह नक्सल मुक्त हो गया था, लेकिन भविष्य में ऐसे तत्व दोबारा सक्रिय न हों, इसके लिए पुलिस की मौजूदगी और ऑपरेशन लगातार जारी हैं।
समारोह में पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह भी उपस्थित रहे। वहीं, चर्चित त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले को लेकर डीजीपी ने कहा कि भोपाल पुलिस ने पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई की है और परिजनों की मांग के अनुरूप ही केस सीबीआई को ट्रांसफर किया गया है।
प्रदेश में हनी ट्रैप के मामलों को लेकर उन्होंने कहा कि जहां भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, वहां पुलिस कार्रवाई कर रही है। साथ ही आने वाले दिनों में मादक पदार्थों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान भी संचालित किए जाएंगे।