कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र से रेस्क्यू किए गए एक तेंदुए की उपचार के दौरान मौत हो गई। तेंदुए का इलाज मुक्की वन्यजीव चिकित्सालय में चल रहा था। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र स्थित ग्राम खटोला में एक ग्रामीण के घर में तेंदुआ घुस गया था। सूचना मिलते ही रिजर्व की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को बेहोश कर सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान उसके शरीर पर चोट के निशान मिले, जिसके बाद प्राथमिक उपचार देकर उसे मुक्की वन्यजीव चिकित्सालय भेजा गया।
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चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में तेंदुए का उपचार किया जा रहा था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद शनिवार को उसकी मौत हो गई। अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित पाए गए। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण गंभीर चोटें माना जा रहा है। अंतिम कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट होगा।
वन विभाग ने निर्धारित प्रावधानों के तहत तेंदुए के शव का दाह संस्कार कर दिया। उल्लेखनीय है कि हाल के समय में कान्हा टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की मौत के मामलों को लेकर चिंता जताई जा रही है। वहीं, रिजर्व में बाघों की मौत के मामलों को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिका भी लंबित है।