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Speaking in Nangal Chaudhary, Dushyant Chautala said that over 33 lakh votes were deleted and called for a separate, stringent law regarding paper leaks.
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नांगल चौधरी में दुष्यंत चौटाला बोले- 33 लाख से अधिक वोट काटे गए, पेपर लीक पर बने अलग सख्त कानून
नारनौल। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के वरिष्ठ नेता दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को नांगल चौधरी की जाट धर्मशाला में आयोजित बीएलओ-2 बैठक में प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण, पेपर लीक और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
पत्रकारों से बातचीत में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में 33 लाख से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उनका आरोप था कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया में खामियों के कारण कई पात्र मतदाता अपना वोट बचाने में सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के गांव और शहर दोनों जगह वोट थे, उन्हें भी वोट स्थानांतरित करने में परेशानी हुई। वहीं सत्यापन नहीं होने और पुराने रिकॉर्ड में नाम नहीं मिलने के कारण कई युवाओं के नए वोट भी नहीं बन पाए।
पेपर लीक के मुद्दे पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि केवल सजा और जुर्माना बढ़ाने से समस्या खत्म नहीं होगी। उनका कहना था कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता से अलग विशेष और अत्यंत कड़ा कानून बनाया जाना चाहिए, ताकि इस अपराध पर प्रभावी रोक लग सके।
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों की समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय सरकार उनका दमन कर रही है। उन्होंने बताया कि जेजेपी ने सभी जिलों में उपायुक्तों के माध्यम से ज्ञापन देकर छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
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