मध्यप्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से मानसूनी सीजन में एक बार फिर से खंडवा जिले की दोनों बांध परियोजनाएं, इंदिरासागर और ओंकारेश्वर डैम, ओवरफ्लो हो गई हैं। बीते तीन दिन से हो रही तेज बारिश के साथ ही जबलपुर की तरफ से भारी मात्रा में पानी आने के चलते इस सीजन में दूसरी बार यह स्थिति बनी है। इसके बाद दोनों ही परियोजनाओं से लगातार पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन किया जा रहा है। मंगलवार शाम पुनासा ब्लॉक स्थित इंदिरासागर डैम के 12 और तीर्थनगरी ओंकारेश्वर स्थित ओंकारेश्वर परियोजना के 14 गेट खोल दिए गए हैं।
सीजन में हुई अच्छी बारिश के बाद दोनों ही परियोजनाओं से करोड़ों रुपये की बिजली बनाई जा रही है। बता दें कि लंबे समय बाद ऐसा मौका आया है जब एक ही सीजन में दूसरी बार परियोजनाओं के गेट खोलने पड़े हैं। हालांकि अभी मौसम विभाग के द्वारा क्षेत्र में मानसून के और भी सक्रिय होने के संकेत दिए जा रहे हैं। वहीं, यह भी बताया जाता है कि जिले की नर्मदा नदी पर बनी ये दोनों ही परियोजनाएं इतनी बड़ी हैं, जिनकी आय देश के प्रतिष्ठित अंबानी और अडानी जैसे घरानों के कुछ बड़े उद्योगों की आय के बराबर है। हालांकि, यह बात अलग है कि खंडवा जिले को इसका फायदा दशमलव के बाद आने वाले पांच शून्य के जितना भी नहीं मिल पाता।
इंदिरासागर को ऐसे कर रहे मेंटेन
नर्मदा नगर स्थित इंदिरासागर डैम की स्थिति इस तरह समझी जा सकती है कि इस बांध का जलस्तर फिलहाल 261.96 मीटर बना हुआ है। यहां से अभी 10 गेट 1 मीटर तक और 2 गेट आधा मीटर तक खोलकर ओंकारेश्वर बांध की तरफ पानी बहाया जा रहा है। यहां से कुल डिस्चार्ज के रूप में 2700 क्यूमेक्स गेटों से और 1820 क्यूमेक्स बिजली बनाकर बहाया जा रहा है। इस तरह करीब 4520 क्यूमेक्स कुल पानी ओंकारेश्वर में छोड़ा जा रहा है। वहीं इंदिरासागर डैम में होशंगाबाद की तरफ से, यानी हंडिया से, करीब 3000 क्यूमेक्स पानी आ रहा है। इसका साफ मतलब है कि इंदिरासागर को 1 मीटर तक सीजन में भी खाली रखने की रणनीति है। मतलब अभी और मानसून का पानी आ सकता है, इसीलिए बांध को खाली रखा जा रहा है।
ओंकारेश्वर बांध का इस तरह समझें गणित
तीर्थनगरी स्थित ओंकारेश्वर बांध की बात करें तो फिलहाल ओंकारेश्वर बांध के 14 गेट खोल दिए गए हैं। विद्युत गृह की 8 टर्बाइनें भी चालू हैं। इंदिरासागर बांध से पानी छोड़ने और ऊपरी हिस्सों में बारिश के चलते मंगलवार शाम 5 बजे ओंकारेश्वर बांध के 14 गेट खोलकर 2928 क्यूमेक्स और विद्युत गृह से 8 टर्बाइन चलाकर 1896 क्यूमेक्स, इस तरह कुल 4824 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। बता दें कि ओंकारेश्वर बांध का वर्तमान जलस्तर 195.39 मीटर पर है। हालांकि, अभी लगातार हो रही बारिश के बाद से धीरे-धीरे ओंकारेश्वर और निचले भाग में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। वहीं, इसको लेकर जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है।