मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के भीकनगांव ब्लॉक में बीते दिनों सराफा कारोबारी परिवार की एक अधेड़ उम्र की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि घर से करीब 3.50 लाख रुपये की नकदी भी गायब है, जिससे यह मामला लूट का माना जा रहा था। घटना के बाद से ही भीकनगांव कस्बे के आमजन में खासा आक्रोश देखा जा रहा है। घटना के विरोध में शहर को एक दिन बंद भी रखा गया था। अब सराफा कारोबारियों ने जिले के एसपी से मिलकर इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, जिसमें किसी संगठित गिरोह द्वारा इस हत्याकांड को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है।
भीकनगांव थाना क्षेत्र में सराफा कारोबारी के घर में हुई लूट की वारदात को लेकर नगर में आक्रोश फैलता जा रहा है। जिला मुख्यालय पर अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ ने इसे हत्याकांड एवं लूट करार देते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। संघ के सदस्य मौन रैली के रूप में एसपी ऑफिस पहुंचे, जहां उन्होंने एएसपी ग्रामीण मनोहर सिंह बारिया को ज्ञापन सौंपकर मामले की गंभीरता से जांच की मांग की है। संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सोनी, राकेश सोनी आदि ने बताया कि सोने-चांदी के व्यापारी के घर हुई इस वारदात के बाद समूचा समाज और व्यापारी वर्ग स्तब्ध है। अब उन्हें व्यापार के साथ ही अपने परिवार की भी चिंता सताने लगी है।
बता दें कि, 25 अगस्त को भीकनगांव नगर के राममंदिर मोहल्ले के निवासी, सोने-चांदी के व्यापारी लक्ष्मण सोनी अपने पुत्र के साथ हेलापडाव गए हुए थे। उसी दिन शाम को जब वे घर लौटे, तो उनकी 55 वर्षीय पत्नी गिरजा बाई लहूलुहान और अचेत अवस्था में घर में पड़ी मिलीं। महिला के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे, जिनसे खून बह रहा था। स्वर्णकार समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि इस घटना को षड्यंत्रपूर्वक अंजाम देकर हत्या का रूप दे दिया गया है। यही नहीं, इस मामले में महिला की हत्या के बाद घर की अलमारी में रखे करीब 3.50 लाख रुपये की नकदी की लूट की वारदात को भी अंजाम दिया गया है।
जानकारी के अनुसार पीएम रिपोर्ट में महिला की मृत्यु का कारण करंट लगने से होना बताया गया है। हालांकि, इसको लेकर पुलिस की जांच जारी है। इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खरगोन मनोहर सिंह बारिया ने बताया कि स्वर्णकार समाज के लोग ज्ञापन देने आए थे। उन्होंने मामले की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
महिला की हत्या के बाद से सर्राफा कार्यबारियों में दिख रहा आक्रोश- फोटो : credit