मध्य प्रदेश के खंडवा में रविवार दोपहर कोरकू जनजाति के हजारों लोगों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। शहर के स्टेडियम ग्राउंड में एकत्र हुए समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि गुड़ी वन परिक्षेत्र के आमाखुजरी जंगलों में खरगोन और बड़वानी सहित बाहरी जिलों से आए अतिक्रमणकारी लगातार वन कटाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे स्थानीय कोरकू आदिवासी समाज का अस्तित्व, आजीविका और वन संसाधनों पर निर्भर जीवन संकट में पड़ गया है। प्रदर्शन के दौरान स्टेडियम ग्राउंड में सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में पहुंचे कोरकू समाज के लोगों ने पहले स्टेडियम ग्राउंड में सभा की, इसके बाद कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने "तीर-गोफन खाएंगे, जंगल हम बचाएंगे" के नारे लगाए और जंगलों की सुरक्षा तथा अतिक्रमणकारियों को बाहर करने की मांग की। रैली के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर और खंडवा सीएसपी अभिनव बारंगे को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
पढ़ें; राजस्थान के डूंगरपुर में बड़ा हादसा: नहाने गए छह बच्चों में से चार तालाब में डूबे, मौत; मामा के घर आए थे सभी
ज्ञापन में कोरकू समाज ने कहा कि लगातार हो रही वन कटाई से स्थानीय आदिवासियों को तेंदूपत्ता, लघु वनोपज और ईंधन के लिए लकड़ी जैसी जरूरी वन सामग्री जुटाने में कठिनाई हो रही है। समाज ने आरोप लगाया कि बाहरी जिलों से आए अतिक्रमणकारियों ने स्थानीय आदिवासियों की जमीनों पर भी कब्जा कर लिया है। उन्होंने प्रशासन द्वारा हाल ही में अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्रवाई का समर्थन करते हुए मांग की कि सभी अतिक्रमणकारियों को जंगलों से पूरी तरह बाहर किया जाए।
इस संबंध में एसडीएम बजरंग बहादुर सिंह ने बताया कि आमाखुजरी और आसपास के क्षेत्रों से आए कोरकू समाज के लोगों ने जंगल और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन को नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित स्तर पर भेजा जाएगा।