खरगोन के सनावद थाना क्षेत्र के ग्राम मलगांव में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां खेत में बने कुएं में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार सुबह सूचना मिली कि ग्राम मलगांव में बलिराम भमोरिया के खेत के कुएं में तीन बच्चे डूब गए हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव, एसडीओपी अर्चना रावत और तहसीलदार केसिया सिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि बलिराम भमोरिया के खेत में बने मकान पर गेहूं काटने के लिए खंडवा जिले के खालवा ब्लॉक से मजदूरों का एक दल पिछले 8 से 10 दिनों से रह रहा था। इसी दल में ग्राम डेहरिया निवासी कालू पिता नाहर सिंह अपनी पत्नी नानी बाई और तीन बच्चों के साथ रह रहा था। बच्चों में चार साल का करण, ढाई साल का अर्जुन और 20 दिन का दूधमुंहा शिशु शामिल था।
बुधवार सुबह खेत में काम पर गए मजदूरों को बच्चों के कुएं में गिरने की सूचना मिली। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर गोताखोरों की मदद से कुएं से तीनों बच्चों को बाहर निकाला गया। बच्चों को खटिया पर रखकर बाहर लाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
बच्चों के पिता कालू ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे वह अन्य मजदूरों के साथ दो-तीन किलोमीटर दूर दूसरे खेत में गेहूं काटने के लिए चला गया था। उस समय घर पर उसकी पत्नी नानी बाई और तीनों बच्चे मौजूद थे। घटना उसी दौरान हुई।
ये भी पढ़ें- गजब है एमपी: छतरपुर में गैस संकट, लेकिन रिटायर्ड शिक्षक के घर से मिले 25 सिलेंडर; प्रशासन ने रात में मारा छापा
मामले को लेकर पुलिस ने बच्चों की मां से भी पूछताछ की है। प्रारंभिक जानकारी में उसने बताया कि बच्चे खेलते-खेलते कुएं के पास चले गए थे। हालांकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने तीनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। घटना के बाद गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने कहा कि पुलिस घटना की जांच कर रही है।