मंडला जिले में 108 एंबुलेंस सेवा की लापरवाही से जुड़ा चर्चित अजीत बरैया मौत मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। जिला प्रशासन की जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में जिला समन्वयक, एंबुलेंस के ईएमटी और प्रोजेक्ट हेड को आरोपी बनाया गया है।
यह मामला 27 जुलाई का है, जब बम्हनी क्षेत्र के सुनहरा माल निवासी 21 वर्षीय अजीत बरैया को गंभीर हालत में एंबुलेंस से जिला अस्पताल मंडला लाया जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में एंबुलेंस का ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो गया, जिससे समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण अजीत की मौत हो गई।
घटना के बाद कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति ने पूरे मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी ने बताया कि जिला प्रशासन की स्वास्थ्य जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि एंबुलेंस सेवा को लेकर पहले भी लगातार शिकायतें मिल रही थीं और सेवाओं में लापरवाही के कारण कई गंभीर घटनाएं सामने आई थीं। इसी क्रम में जांच रिपोर्ट के आधार पर तीन जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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गौरतलब है कि अजीत बरैया की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन समाप्त हो जाने से मरीज की सांसें उखड़ गईं और समय पर इलाज नहीं मिल सका। घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें एंबुलेंस के ऑक्सीजन सिलिंडर का प्रेशर गेज शून्य पर दिखाई दे रहा था।
मामले ने प्रदेशभर में तूल पकड़ा था, जिसके बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने जांच के निर्देश दिए थे। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।