नर्मदापुरम जिले की पिपरिया तहसील से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार–शनिवार की दरम्यानी रात बनखेड़ी सामान्य वन मंडल क्षेत्र में एक बाघ ने 39 वर्षीय युवक पर हमला कर उसकी जान ले ली। यह घटना झिरिया गांव के पास उस समय हुई, जब जंगल से निकले बाघ ने अचानक युवक को निशाना बना लिया।
मृतक की पहचान बारादेवी गांव निवासी कमल ठाकुर के रूप में हुई है। कमल पचमढ़ी में एक निजी कंपनी में मेस का कार्य करता था। शुक्रवार देर रात काम समाप्त कर वह अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान घर से कुछ ही दूरी पर झिरिया गांव के डैम मोहल्ला से सटे जंगल क्षेत्र में बाघ ने उस पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ ने अचानक हमला किया और कमल को घसीटते हुए जंगल के भीतर ले गया। रात का अंधेरा और सन्नाटा इतना गहरा था कि किसी को घटना की जानकारी नहीं हो सकी।
शनिवार सुबह करीब 10 बजे उस समय गांव में हड़कंप मच गया, जब एक दूध विक्रेता ने रास्ते पर युवक का क्षत-विक्षत शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस को अवगत कराया। मौके पर सामान्य वन मंडल नर्मदापुरम के एसडीओ अनिल विश्वकर्मा अपनी टीम के साथ पहुंचे। पुलिस और वन विभाग ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
यह घटना बनखेड़ी सामान्य परिक्षेत्र की डोकरी खेड़ा बीट में हुई है, जिसे पहले से ही वन्यजीव गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है। ग्रामीणों में बाघ के दोबारा हमले की आशंका बनी हुई है, जिसके चलते लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं।
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एसडीओ अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि मृतक के परिजनों को शासन की ओर से 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है। वन विभाग ड्रोन, कैमरा ट्रैप और नियमित गश्त के माध्यम से बाघ की मूवमेंट पर निगरानी कर रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय जंगल की ओर न जाएं, अकेले आवागमन से बचें और किसी भी संदिग्ध वन्यजीव गतिविधि की तुरंत सूचना दें। इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर कर दिया है।