रतलाम जिले के बाजना थाना क्षेत्र के ग्राम कागलीखोरा में सरकारी जमीन पर कब्जे के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। खेत पर काम कर रहे 17 वर्षीय लक्ष्मण मचार की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई। घटना में उसके पिता बादरिया मचार और भाई नारायण मचार भी लाठी और पत्थरों से हमले में घायल हो गए। बाजना पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ हत्या और मारपीट का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे लक्ष्मण, उसका भाई नारायण और पिता बादरिया मचार खेत पर अलग-अलग स्थानों पर काम कर रहे थे। लक्ष्मण बैलों से खेत जोत रहा था। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचे और जमीन को लेकर विवाद करते हुए मारपीट शुरू कर दी। पिता और भाई बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी लाठी और पत्थरों से हमला किया। इसी बीच एक आरोपी ने चाकू से लक्ष्मण के गले पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही बाजना थाना प्रभारी रवींद्र दंडोतिया, सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल और एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए बाजना के सरकारी अस्पताल भेजा गया। सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल ने बताया कि सरकारी जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में लंबे समय से तनाव था। इसी रंजिश के चलते लक्ष्मण की हत्या की गई। आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
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मृतक के पिता बादरिया मचार ने पुलिस को बताया कि आरोपी रमेश पिता रावजी मचार, जोतिया पिता मोहन मचार, पंकज पिता जीता मचार, विकास पिता दारजी मचार, राजू पिता गौतम मचार, माईकल पिता मोहन मचार और मोहन पिता वेस्ता मचार खेत पर पहुंचे और जमीन विवाद को लेकर लक्ष्मण के साथ मारपीट करने लगे। इसी दौरान रमेश ने चाकू से उसके गले पर वार कर दिया। जब उन्होंने और नारायण ने बचाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उन पर भी लाठी और पत्थरों से हमला कर घायल कर दिया।
बादरिया मचार के अनुसार, वन विभाग की जमीन को लेकर आरोपियों से पहले से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में उनके बेटे की हत्या की गई। आरोपियों ने जाते समय धमकी भी दी कि यदि वन विभाग की जमीन पर कब्जे की बात आगे बढ़ाई तो परिवार के अन्य सदस्यों को भी जान से मार देंगे।
मृतक के चचेरे भाई सुरेश मचार ने बताया कि उनके परिवार को संबंधित जमीन का पट्टा मिला हुआ है और वर्ष 2006 से वे उस पर खेती कर रहे हैं। पास की वन विभाग की जमीन को लेकर भी उनका दावा है। आरोप है कि रमेश और उसके साथी उस जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई को भी आरोपी ग्राम पंचायत के एक प्रतिनिधि के साथ आए थे, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें वहां से भगा दिया था। मंगलवार को आरोपी दोबारा आए और लक्ष्मण पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।