आष्टा नगर गुरुवार को उस समय भावुक और उल्लास भरे माहौल का गवाह बना, जब मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में 200 जोड़ों ने जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। मंच पर शहनाइयों की मधुर धुन गूंज रही थी, तो दूसरी ओर माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू चमक रहे थे। पूरे आयोजन में भावनाएं, संस्कार और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस भव्य सम्मेलन में 182 जोड़ों का विवाह और 18 जोड़ों का निकाह संपन्न हुआ। नवविवाहित जोड़ों के चेहरों पर नई जिंदगी की चमक साफ दिखाई दे रही थी। आयोजन केवल शादी समारोह नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के सपनों को सम्मान के साथ पूरा करने का माध्यम बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए और सभी नवदंपतियों को सुखद, समृद्ध और मंगलमय दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह केवल दो लोगों या दो परिवारों का मिलन नहीं है, बल्कि यह समाज में समानता, सहयोग और भाईचारे का संदेश देने वाला बड़ा सामाजिक अभियान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन फिजूलखर्ची और दिखावे जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने की दिशा में मजबूत कदम हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बेटियों को सम्मान और सुरक्षा देना है, ताकि कोई भी परिवार आर्थिक मजबूरी के कारण बेटी की शादी को बोझ न समझे।
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“बेटियां बोझ नहीं, समाज की शक्ति हैं”-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि परिवार और समाज की सबसे बड़ी शक्ति मानती है। यही वजह है कि सरकार उनके विवाह, शिक्षा और सुरक्षा के लिए लगातार योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 से अप्रैल 2026 तक मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के तहत प्रदेश की 1 लाख 70 हजार 187 बेटियां नए जीवन में प्रवेश कर चुकी हैं। इन विवाहों के लिए राज्य सरकार करीब 1000 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किसी सहारे से कम नहीं है।
गरीब परिवारों के चेहरे पर दिखी राहत और संतोष
सम्मेलन में शामिल कई परिवारों की आंखों में राहत साफ दिखाई दे रही थी। जिन माता-पिता के लिए बेटी की शादी चिंता का कारण थी, उनके चेहरे आज संतोष और खुशी से दमक रहे थे। आयोजन स्थल पर हर तरफ आशीर्वाद, मुस्कान और अपनापन नजर आ रहा था। गरीब परिवारों के लिए यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान के साथ बेटी की विदाई का माध्यम बनी। कई परिजन भावुक होकर कहते नजर आए कि सरकार की इस पहल ने उनकी सबसे बड़ी चिंता को दूर कर दिया।
सम्मेलन में जनपद अध्यक्ष दीक्षा सोनू गुणवान, नगर पालिका अध्यक्ष हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा, कलेक्टर बालागुरू के., एसडीएम नितिन टाले, जनपद सीईओ अमित व्यास, धारासिंह पटेल, सुरेंद्र मेवाड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण शुभकामनाओं, तालियों और मंगल गीतों से गूंजता रहा।