शहडोल के सोहागपुर विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुईबांध का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। वीडियो में विद्यालय के पूर्व प्राचार्य बताए जा रहे बृजेशधार द्विवेदी कार्यालय के भीतर कुछ अन्य लोगों के साथ शराब पीते नजर आ रहे हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वीडियो पुराना है, फिर भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करा दी गई है।
वायरल वीडियो को लेकर लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जिस स्थान को शिक्षा का मंदिर माना जाता है, वहां यदि शिक्षक और अधिकारी इस तरह की गतिविधियों में शामिल दिखाई दें तो इसका गलत संदेश समाज और विद्यार्थियों तक पहुंचता है। राज्य सरकार एक ओर नशा मुक्ति अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालय परिसर में इस तरह का वीडियो सामने आने से अभियान की गंभीरता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार यह मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुईबांध का है। वीडियो में विद्यालय के पूर्व प्राचार्य बृजेशधार द्विवेदी कार्यालय में बैठे दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि उनके खिलाफ पहले भी विभिन्न मामलों की शिकायतें जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों तक की जा चुकी हैं, लेकिन कई शिकायतें अब भी लंबित हैं।
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संभागीय उपायुक्त जे.पी. यादव ने बताया कि वायरल वीडियो की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वीडियो कुछ माह पुराना बताया जा रहा है। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि वीडियो कब का है, उसमें दिखाई देने वाले लोग कौन हैं और घटना के समय उनकी क्या भूमिका थी।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच में जुटा हुआ है।