श्योपुर में शुक्रवार को संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का एक मामला सामने आया है। यहां तरबूज खाने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि मृतक का बेटा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
जानकारी के अनुसार, सुसनेर, शाजापुर निवासी इंद्र सिंह परिहार अपने बेटे विनोद के साथ श्योपुर में रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने किराए के मकान में रहते थे। इंद्र सिंह ड्राइवर थे। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार रात खाना खाने के बाद पिता-पुत्र की तबीयत हल्की खराब हुई थी। दोनों ने सीने में जलन और बेचैनी की शिकायत की थी।
शुक्रवार को एक बार फिर दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी और सीने में जलन महसूस होने लगी। गर्मी और बेचैनी से राहत पाने के लिए दोनों ने ठंडक के उद्देश्य से तरबूज खाया। बताया जा रहा है कि तरबूज खाने के कुछ ही देर बाद उनकी हालत अचानक ज्यादा खराब हो गई। दोनों को उल्टी, घबराहट और तेज बेचैनी होने लगी।
परिजन तत्काल उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। इंद्र सिंह की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोटा रेफर कर दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश कोटा ले जाते समय रास्ते में ही इंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया। वहीं, बेटे विनोद का इलाज अभी भी जारी है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों की तबीयत किस कारण बिगड़ी। प्रारंभिक तौर पर मामला संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का माना जा रहा है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेगा।
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मृतक इंद्र सिंह अपने पीछे पत्नी संगीता और तीन बेटों विनोद, राजा और देवा को छोड़ गए हैं। परिवार की एक अन्य सदस्य राधिका भी श्योपुर में उनके साथ रहती थीं। घटना की सूचना मिलते ही रिश्तेदारों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन शव लेने के लिए इटावा रवाना हो गए हैं।
इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और गर्मी में खानपान को लेकर चिंता जता रहे हैं। डॉक्टरों ने भी लोगों को गर्मी के मौसम में सावधानी बरतने और ताजे व सुरक्षित खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी है।