अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रामसखा गौतम सभागृह में आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य है कि देशभर के क्षत्रिय समाज के लोग एकजुट हों, पूरे देश में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का महासंघ बने। राष्ट्रीय, प्रदेश स्तर पर आयोग की स्थापना, राजपूतों की उन्नति के प्रयास के साथ राजनीति में प्रतिनिधित्व राजपूतों के लिए आयोग का गठन व महासंघ बने। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विशेष चर्चा कर फैसले लिए गए।
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अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ठाकुर हरदयालसिंह ने बताया कि महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्रसिंह तंवर, कुरुक्षेत्र की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस दौरान युवाविंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डिम्पल राणा (पंजाब) सहित गोवा, चेन्नई, तेलंगाना, पंजाब से प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में सभी का पुष्पमालाओं, पुष्पगुच्छ, सिरोपा से अभिनंदन राष्ट्रीय महामंत्री अनिलसिंह चंदेल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य-ठाकुर हरदयासिह एडवोकेट, शहर अध्यक्ष अभिषेकसिंह बेस, मलखानसिंह लिखित, अनिलसिंह राजपूत, राजेशसिंह दीक्षित, बृजराजसिंह जादौन, चन्द्रभानसिंह चंदेल, कर्णसिंह, कपिलसिंह सोलंकी, मोहनसिंह राजपूत, सोदानसिंह, आशिषसिंह तोमर, सन्तोषसिंह बैस आदि ने अभिनन्दन किया।
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आरक्षण को लेकर निकाली गई यात्रा
राजपूत समाज की आरक्षण को लेकर अब तक देश में तीन रथ यात्राएं निकाली जा चुकी हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग करना है, ताकि हर जाति के गरीब व्यक्ति को आरक्षण का लाभ मिल सके। यात्रा का दूसरा उद्देश्य सामाजिक समरसता लाना है, और तीसरा उद्देश्य महापुरुषों के इतिहास को संरक्षित करना है। राजपूत समाज का मानना है कि आरक्षण का आधार जाति नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति होनी चाहिए। इस यात्रा का लक्ष्य सभी जातियों को एकजुट करना और समाज में भाईचारा स्थापित करना है। साथ ही यात्रा का मुख्य उद्देश्य महापुरुषों के इतिहास को संरक्षित करना है और किसी भी जाति विशेष के नाम पर इतिहास को बदलने से रोकना है।
युवाविंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डिम्पल राणा ने बताया कि इस रथ यात्रा को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा निकाला गया। यात्रा का पहला चरण जम्मू से शुरू हुआ था और यह 7 अक्टूबर को दिल्ली में समाप्त हुई। इस यात्रा में राजपूत समाज के लोग और अन्य जातियों के लोग भी शामिल हुए।