धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित जवाहर नगर के मनोविकास विशेष शिक्षा विद्यालय में रक्षाबंधन का उत्साह इन दिनों चरम पर है। विद्यालय में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चे राखियों की तैयारियों में पूरी तन्मयता और उत्साह से जुटे हुए हैं। इन बच्चों को भले ही रंगों की पहचान और अक्षर लिखने में कठिनाई होती हो, लेकिन त्योहारों को लेकर उनका उत्साह किसी से कम नहीं है। रक्षाबंधन के इस पावन पर्व को खास बनाने के लिए वे सुंदर-सुंदर राखियां तैयार कर रहे हैं। कार्टून कैरेक्टर जैसे स्पाइडरमैन और सुपरमैन से लेकर ‘Bro’ और ‘Sis’ जैसी मॉडर्न राखियों तक, हर वर्ग को ध्यान में रखकर राखियां बनाई जा रही हैं।
विद्यालय से जुड़े फादर जॉर्ज ने बताया कि बच्चे राखियों को सजाने के लिए खुद सुनहरे मोती चुनते हैं और उन्हें चिपकाने से लेकर सूखाने तक हर काम में पूरी लगन दिखाते हैं। बच्चों की बारीक कारीगरी देखकर हर कोई उनकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाता। यही प्रशंसा उनके आत्मविश्वास को और बढ़ा देती है।
ये भी पढ़ें: आज इंदौर से मुंबई के लिए रवाना होग तेजस ट्रेन, वड़ोदरा और रतलाम में दस मिनट रुकेगी
फादर जॉर्ज ने बताया कि इन राखियों की कीमत 10 रुपये से 80 रुपये तक रखी गई है। मोतियों और सजावटी सामग्री से बनी विशेष राखियों की कीमत अपेक्षाकृत अधिक है। मनोविकास विकलांग सहायता समिति द्वारा संचालित इस विद्यालय में करीब 200 दिव्यांग बच्चों को कौशल शिक्षा भी दी जा रही है। वर्ष 2003 में सिस्टर आंसी के मार्गदर्शन में इस व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र की नींव रखी गई थी। दीवाली पर भी ये बच्चे दीये और मोमबत्तियां बनाकर अपने हुनर से उजाला फैलाते हैं। त्योहारों के माध्यम से ये नन्हे कलाकार न केवल आत्मनिर्भर बनते हैं, बल्कि समाज को यह संदेश भी देते हैं कि सच्चा उत्सव वही है जिसमें भागीदारी और समर्पण हो।