मध्य प्रदेश में परिवहन घोटाले को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार सरकार के खिलाफ हमलावर बनी हुई है। इसी कड़ी में जिला कांग्रेस के निर्देशानुसार नौरोजाबाद नगर के हृदय स्थल पीपल चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘भाजपा मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप कर पुतला दहन को नाकाम कर दिया और स्थिति को नियंत्रण में रखा।
मध्यप्रदेश में परिवहन घोटाले का मामला गरमाया हुआ है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश सरकार के संरक्षण में परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। इस घोटाले को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर बनी हुई है और अलग-अलग जिलों में विरोध प्रदर्शन कर रही है। इसी क्रम में नौरोजाबाद में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और सरकार को घेरने की कोशिश की।
यह भी पढ़ें: तेज रफ्तार वाहन पेड़ से टकराया, चालक ऐसा फंसा कि मौके पर तोड़ दिया दम
पुलिस ने संभाला मोर्चा
जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की, मौके पर मौजूद नौरोजाबाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने तो बलपूर्वक पुतला दहन को रोका गया।
कांग्रेस का आरोप, सरकार बचा रही भ्रष्टाचारियों को
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार घोटालेबाजों को बचाने का प्रयास कर रही है। उनका आरोप है कि परिवहन विभाग में हुए इस भ्रष्टाचार में बड़े अधिकारियों के साथ-साथ सरकार के कुछ प्रभावशाली नेताओं की भी संलिप्तता है। कांग्रेस ने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
सरकार और भाजपा का जवाब
वहीं, भाजपा और सरकार की ओर से इन आरोपों को निराधार बताया गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस केवल झूठा प्रचार कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें: समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की अंतिम तारीख नौ अप्रैल, यहां हो रहा रजिस्ट्रेशन
प्रदर्शन के बाद माहौल शांत
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस की सूझबूझ से स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखें और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें।
इस विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जहां कांग्रेस इस मुद्दे को जोरशोर से उठा रही है, वहीं भाजपा इसे महज राजनीति करार दे रही है। आने वाले दिनों में इस घोटाले को लेकर प्रदेश में और भी राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है।