उमरिया में एक बाघ शावक के लापता होने से वन विभाग की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार शाम से शुरू हुआ यह मामला बुधवार सुबह तक सुलझ नहीं सका, हालांकि शावक की सुरक्षित तलाश के लिए पार्क प्रबंधन पूरी सतर्कता के साथ व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रहा है।
सलखनिया बीट से रेस्क्यू किए गए थे मादा बाघ और दो शावक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन परिक्षेत्र पनपथा बफर अंतर्गत सलखनिया बीट से एक मादा बाघ और उसके दो शावकों को रेस्क्यू किया गया था। दोनों शावकों को देखरेख और पालन-पोषण के उद्देश्य से वन परिक्षेत्र ताला के बठान बीट स्थित विशेष इन्क्लोजर में रखा गया था। योजना के अनुसार, शावकों को जल्द ही बड़े इन्क्लोजर में शिफ्ट किया जाना था ताकि उनके विकास के लिए अधिक अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
वन विभाग में मचा हड़कंप
इसी प्रक्रिया की तैयारी के दौरान 5 जनवरी 2026 को शाम करीब 6:30 बजे एक शावक परिवहन के लिए लगाए गए केज का सहारा लेकर इन्क्लोजर से बाहर निकल गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया और बिना समय गंवाए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
शावक की तलाश में उतारे गए पालतू हाथी
वन विभाग ने शावक की तलाश के लिए पालतू हाथियों, पेट्रोलिंग वाहनों और विशेष गश्ती दलों को मैदान में उतारा है। संभावित मूवमेंट वाले इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जंगल के साथ-साथ बफर जोन में भी तलाशी तेज कर दी गई है। ड्रोन और ट्रैकिंग इनपुट्स के आधार पर भी शावक की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे अनावश्यक रूप से जंगल की ओर न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन अमले को दें। विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
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रेस्क्यू अभियान लगातार जारी: वन अधिकारी
वन अधिकारियों का कहना है कि शावक की सुरक्षित वापसी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही शावक को सुरक्षित ढूंढ लिया जाएगा।