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VIDEO: आयशा और जेबा मकबरा उपेक्षा का शिकार, जानें कौन हैं दोनों बहनें
फतेहपुर सीकरी के सीकरी खानुआ मार्ग पर जौताना की पहाड़ी स्थित आयशा-जेबा का मकबरा बेहद खराब हालत में है। मुगलकालीन स्थापत्य कला का यह मकबरा देखरेख नहीं होने से क्षतिग्रस्त हो चुका है। लाल पत्थर से निर्मित यह मकबरा कभी क्षेत्र की पहचान था, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से संरक्षित न होने के कारण इसकी मरम्मत नहीं हो पाई।
हजरत शेख सलीम चिश्ती की दो बेटियों आयशा और जेबा का यह मकबरा मुगलकालीन होने के बावजूद एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) के संरक्षित स्मारकों की श्रेणी में नहीं है। मकबरे के आसपास झाड़ियां उग आई हैं। बारिश के कारण इमारत को नुकसान पहुंचा है। मुख्य द्वार के दरवाजे भी टूटे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने दो दरवाजों पर ईंटों की दीवार लगाई है, वह भी क्षतिग्रस्त हो रही है। साल में एक बार उर्स पर इसकी सफाई स्थानीय लोग ही कर देते हैं। दो साल पहले मकबरे में चोरों ने एक जाली को तोड़कर क्षतिग्रस्त भी कर दिया था।
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