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MP News Villagers fed up with alcoholism in Sagar renounced alcohol unitedly decided to ban liquor
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MP News: सागर में शराबखोरी से तंग आ चुके ग्रामीणों ने शराब से की तौबा, एकजुट होकर लिया शराबबंदी का फैसला
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 19 Nov 2024 06:06 PM IST
नशा एक सामाजिक बुराई है। नशे से तन-मन-धन तथा परिवार का नाश होता है। ऐसे नारे तो अपने खूब सुने होंगे, लेकिन इन सब के बाद भी नशा करने वालों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही। लेकिन सागर जिले की कुछ ग्राम पंचायतों ने अब नशे के कारोबार तथा नशेड़ियों पर लगाम लगाने का बीड़ा उठाया और ले लिया एक निर्णय।
बुंदेलखंड अंचल का सागर जिला बाकी प्रदेश के जिलों की तरह ही है। यहां भी नशा करने वालों की तादाद बढ़ती ही जा रही है। नशे की लत के शिकार इन लोगो में सर्वाधिक संख्या युवा वर्ग की सामने आ रही है। क्या शहर, क्या गांव सभी जगह शराब उपलब्ध होने से युवा वर्ग इसकी लत का शिकार होने लगा था।
तब सागर जिले की केसली विकास खंड की जनकपुर तथा नया नगर ग्राम पंचायतों के बाशिंदों ने एक बैठक कर शराब के कारोबार तथा इसके सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया। अब इन ग्राम पंचायतों की सीमा के अंतर्गत आने वाले गांवों में न तो शराब की बिक्री की जा सकेगी और न ही कोई सेवन कर सकेगा और जो कोई पंचायत के इस निर्णय की अवहेलना करेगा, उस पर ग्यारह हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने की राशि ग्राम विकास में खर्च की जाएगी।
ग्राम पंचायत में बैठक कर लिए गए इस निर्णय से ग्रामीणों को अवगत कराने तथा उन्हें जागरुक करने ग्राम में जगह-जगह बैनर-पोस्टर चस्पा किए गए हैं, जिनमें नशा के दुष्परिणाम बताए गए हैं। इसके अलावा गांवों में मुनादी भी कराई जा रही है। इस निर्णय को लेने के पीछे ग्रामीणों ने बताया कि इन दिनों शराबियों के आतंक से गांव त्रस्त हो गया था। गांव का माहौल दूषित होने लगा था। गांव में आए दिन लड़ाई झगड़े होना आम बात हो चली थी।
बड़े ही नहीं बल्कि किशोर युवा भी शराब की लत का शिकार होने लगे थे और नशे की हालत में कुछ युवा दुर्घटना का शिकार भी हुए। तब ग्रामीणों ने मिलकर इस कुरीति को मिटाने का संकल्प लेकर यह निर्णय लागू किया। अब सारे ग्रामीण गांव की निगरानी करते हैं कि कोई यहां शराब न पी सके और न ही बेच सके। इसका परिणाम यह हुआ कि अब इन ग्रामों में पहले की अपेक्षा शांति रहने लगी है। ग्रामीणों की इस पहल की सराहना सामाजिक न्याय अधिकारिता केंद्रीय मंत्री डॉक्टर वीरेंद्र खटीक ने भी की है। उनका कहना है कि पंचायतों की यह पहल अनुकरणीय है।
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