बाड़मेर जिले में सोमवार को अग्रसेन जयंती को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बाड़मेर में ढोल नगाड़ों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में झांकियो में धार्मिक भावना के साथ देशभक्ति का संगम देखने को मिला। ऑपरेशन सिंदूर की झांकी से सेना से साहस को दिखाते हुए सेना के प्रति सम्मान प्रकट किया। यह झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शहर के अग्रवाल भवन से विधिवत रूप से शोभायात्रा की शुरुआत की गई।
शोभायात्रा में सबसे आगे घोड़े पर सवार युवक युवतियां हाथों में ध्वज लहराते हुए चल रहे थे। इसके पीछे बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज की महिलाएं सिर पर कलश धारण करके चल रही थी। शोभायात्रा के दौरान ढोल नगाड़ों पर अग्रवाल समाज के युवक युवतियां झूमते नाचते हुए नजर आए। शोभायात्रा में मनमोहन विशेष जाकिया सजाई गई। इनमें एक ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी झांकी शामिल रही। अग्रवाल भवन से शुरू हुई शोभा यात्रा शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए पुनः अग्रवाल भवन पहुंचकर समाप्त हुई। शोभायात्रा का शहरवासियों ने जगह-जगह पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद अग्रवाल भवन में सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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भेर बंसल ने बताया कि आज अग्रसेन जयंती पर समाज की ओर से शोभायात्रा का आयोजन किया गया था। इसमे विभिन्न प्रकार की झांकिया सजाई गई थी। इसमे हमने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झांकी प्रस्तुत की। इस झांकी में मुझे विंग कमांडर व्योमिका सिंह बनकर बेहद खुशी और गर्व महसूस हुआ।
महिला कार्यकारिणी की अध्यक्ष मंजू सर्राफ ने बताया कि अग्रवाल समाज की ओर से अग्रसेन जयंती को 20 दिवसीय कार्यक्रमों के रूप में मनाया गया। जिसके चलते प्रतिदिन विभिन्न प्रतियोगिताओं सहित कार्यक्रम आयोजित किए गए। आज अंतिम दिन शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।