झालावाड़ जिले में मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत झालावाड़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हाल ही में मुंबई से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ जारी है।
पुलिस ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए अब तक 15 लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है और गिरोह के 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि 5 जून को पुलिस ने 10 लड़कियों को मुक्त कराकर इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया था। इसके बाद विशेष टीमों ने लगातार कार्रवाई करते हुए पांच अन्य लड़कियों को भी बरामद किया। पहले गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि मुंबई से गिरफ्तार तीन आरोपियों का चार दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। उनसे गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेस्क्यू की गई 15 लड़कियों में 12 नाबालिग और दो बालिग हैं, जबकि एक लड़की की उम्र का सत्यापन किया जा रहा है। चिंताजनक बात यह है कि इनमें दो बच्चियां छह वर्ष से भी कम उम्र की हैं। रेस्क्यू की गई लड़कियों में नौ झालावाड़, पांच टोंक और एक बूंदी जिले की निवासी है।
एसपी के अनुसार गिरोह के सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को झांसा देकर नाबालिग बच्चियों की खरीद-फरोख्त करते थे और उन्हें देह व्यापार में धकेल देते थे। जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से मिले दस्तावेजों ने मानव तस्करी के बेहद अमानवीय और क्रूर स्वरूप को उजागर किया है। दस्तावेजों से पता चला है कि लड़कियों को कर्ज, दबाव और बंधनों के ऐसे जाल में फंसाया जाता था, जिससे बाहर निकलना लगभग असंभव हो जाता था।
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पुलिस अब इस अपराध से अर्जित संपत्तियों का चिन्हीकरण कर रही है। प्रारंभिक जांच में आरोपियों के बैंक खातों में भारी वित्तीय लेनदेन सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध कारोबार से अर्जित धन का उपयोग किन-किन संपत्तियों के निर्माण और खरीद में किया गया।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि पुलिस कार्रवाई का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। विभिन्न डेरों से सूचनाएं मिल रही हैं कि इस गिरोह या अन्य गिरोहों के माध्यम से बेची गई कई लड़कियां वापस अपने परिवारों और समुदायों में लौट रही हैं। साथ ही बड़ी संख्या में शिकायतें और जानकारियां भी पुलिस को मिल रही हैं, जो आगे की जांच और रेस्क्यू अभियान में महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं।
विशेष टीम के एएसआई मदनलाल और हेड कांस्टेबल बाबूलाल ने झालावाड़ जिले की चार नाबालिग लड़कियों, जिनमें एक छह वर्षीय बच्ची भी शामिल है, को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके अलावा एक अन्य लड़की को टोंक जिले से बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार यह गिरोह महाराष्ट्र के साथ-साथ झालावाड़, बूंदी, टोंक, ग्वालियर और मुंबई तक सक्रिय था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।