पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया अपने दो दिवसीय जोधपुर प्रवास के दूसरे दिन सुबह सर्किट हाउस में विश्राम के बाद नेहरू पार्क के लिए रवाना हुए। रवाना होने से पूर्व पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य रहा है कि यहां जयचंद जैसे लोग पैदा होते रहे हैं। यह देश दुश्मनों से कभी नहीं हारा लेकिन अपने ही जयचंदों से बार-बार हारता रहा है, यह सिलसिला आज भी जारी है।
राजस्थान को पंजाब से पानी देने के सवाल पर उन्होंने कहा- यह केंद्र सरकार का विषय है, उन्हें ही इसका समाधान निकालना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उन्होंने कहा कि पहली बार किसी सैन्य कार्रवाई का ऐसा नामकरण किया गया है, जो हृदय को छू जाता है। हमारे देश में महिलाओं का अपमान कभी सहन नहीं किया गया। महाभारत महिलाओं के सम्मान के लिए हुआ, लंका दहन महिला के अस्तित्व की रक्षा के लिए हुआ। इस ऑपरेशन में निर्दोष बहनों ने अपने सामने गोली चलते देखी है। पूरे देश में इसको लेकर आक्रोश था और प्रधानमंत्री ने उचित समय पर उसका जवाब ब्याज सहित दिया।
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इसके बाद हलचल मचाई, ड्रोन उड़ाए और चीन के हथियारों का इस्तेमाल किया लेकिन भारत की सेना को जब हमारे प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने खुली छूट दी तो सेना ने दुश्मनों को करारा जवाब दिया। हमने अपने यहां बने हथियारों से उनके पटाखों को उड़ा दिया। एक ही ब्रह्मास्त्र ने दुनिया को हिला दिया।
कटारिया ने कहा- अगर थोड़ा और समय मिलता तो दुश्मनों को पूरी तरह ध्वस्त कर देते। हमने केवल आतंकवादियों को निशाना बनाया, आम जनता को नुकसान नहीं पहुंचाया, यही हमारे देश की मानवीय सोच है, जिसे पूरी दुनिया ने देखा। अब दुनिया को पता चल गया है कि यह 1962 वाला भारत नहीं है। चीन को भी इसका एहसास हो गया है। इतनी सटीकता से ऑपरेशन को अंजाम देना हमारी ताकत का परिचायक है। आज भारत कमजोर नहीं है।