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HPU Digital Library: मुख्यमंत्री सुक्खू ने एचपीयू में डिजिटल लाइब्रेरी का किया उद्घाटन, छात्र संगठनों ने सौंपे ज्ञापन
शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:14 AM IST
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के 57वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी और कहा कि उच्च शिक्षा को समय के अनुरूप आधुनिक तकनीक से जोड़ना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी के शुरू होने से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को अध्ययन एवं शोध के लिए आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शोध सुविधाएं मिल सकें।
समारोह में शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह, विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी के शुरू होने से छात्रों और शोधार्थियों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, ई-जर्नल, शोध पत्र और अन्य डिजिटल संसाधनों तक आसान पहुंच मिलेगी, जिससे शोध गतिविधियों को नई गति मिलेगी। स्थापना दिवस समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान परिसर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे।
वहीं, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय में कथित अवैध शिक्षक नियुक्तियों की जांच कराने, छात्र संघ चुनाव बहाल करने तथा लंबित छात्र मांगों को पूरा करने की मांग की। संगठन ने रिक्त शिक्षकीय पदों को भरने, छात्रावास और पुस्तकालय सुविधाओं के विस्तार सहित शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी रखी।
विश्वविद्यालय के गैर शिक्षण कर्मचारियों ने भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए रिक्त पदों पर जल्द भर्ती, लंबित एरियर का भुगतान और सेवा संबंधी मामलों के शीघ्र निपटारे की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना था कि स्टाफ की कमी के कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने की मांग की।
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