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Video: तमसा किनारे कूड़े का पहाड़, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
स्वच्छ भारत अभियान और नमामि गंगे जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के बावजूद जलालपुर में तमसा नदी की स्वच्छता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर पालिका परिषद की ओर से कस्बे का कूड़ा तमसा नदी के किनारे खुले में डंप किए जाने से नदी का अस्तित्व और पर्यावरण दोनों संकट में पड़ते दिखाई दे रहे हैं। हाल ही में नमामि गंगे की केंद्रीय टीम भी तमसा नदी का निरीक्षण कर स्थानीय व्यवस्थाओं पर सवाल उठा चुकी है।
नगर के उर्दू बाजार स्थित छोटे पुल के पास करीब 50 मीटर क्षेत्र में नगर पालिका का कूड़ा खुलेआम डाला जा रहा है। बारिश के दौरान कूड़े में मौजूद प्लास्टिक, पॉलीथीन और अन्य ठोस अपशिष्ट बहकर सीधे तमसा नदी में पहुंच रहे हैं, जिससे नदी का जल लगातार प्रदूषित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गीले और सूखे कूड़े का बिना किसी पृथक्करण के एक साथ निस्तारण किया जा रहा है। बरसात में कूड़े से निकलने वाला दूषित रिसाव और दुर्गंध आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रही है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों के अनुसार दुर्गंध के कारण वहां कुछ देर रुकना भी मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय निवासी शत्रुघ्न, सुधीर और संजय का आरोप है कि तमसा नदी पहले ही सीवेज और गंदे नालों के पानी से प्रभावित है। ऐसे में नदी किनारे नगर पालिका द्वारा कूड़ा डंप किए जाने से प्रदूषण कई गुना बढ़ गया है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो तमसा नदी की स्वच्छता के साथ उसका अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से नदी किनारे कूड़ा डंपिंग तत्काल बंद कराने, वैज्ञानिक तरीके से वैकल्पिक डंपिंग स्थल विकसित करने और तमसा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद जलालपुर के अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार से मोबाइल फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं प्रधान लिपिक रामप्रकाश पांडेय ने बताया कि मामले की जानकारी लेकर संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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