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सपा सांसद अवधेश प्रसाद बोले- लोकतंत्र रक्षक सेनानियों की पेंशन हो 50 हजार
अयोध्या लोकसभा क्षेत्र में बारांबकी के दरियाबाद का भी कुछ हिस्सा आता है। यहां कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा के लिए सपा सांसद अवधेश प्रसाद बाराबंकी पहुंचे। बैठक के बाद सांसद ने उन लोकतंत्र रक्षक सेनानियों से मुलाकात की, जिन्हें अभी तक पेंशन नहीं मिल रही है। साथ ही, पेंशन धारकों ने भी अपनी पेंशन राशि बढ़ाए जाने की मांग उठाई। सांसद ने स्पष्ट किया कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस को छोड़कर सभी दलों के लोग जेल भेजे गए थे। इन जेल काटने वाले लोगों को तत्कालीन सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने 'लोकतंत्र रक्षक सेनानी' का नाम देकर सम्मान राशि, अर्थात पेंशन, प्रदान की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में इस पेंशन राशि में एक रुपये की भी वृद्धि नहीं हुई है।
सांसद अवधेश प्रसाद ने आगामी लोकसभा सत्र में पेंशन राशि को वर्तमान 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किए जाने की मांग उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आपातकाल के दौरान अपने माता-पिता के साथ जेल जाने वाले बच्चों को भी 'लोकतंत्र रक्षक सेनानी' का दर्जा देकर पेंशन प्रदान की जानी चाहिए। बाराबंकी जिले में ऐसे लगभग 30 मामले सामने आए हैं, जिनके लिए वह संसद में आवाज उठाएंगे। यह मांग उन लोगों को सम्मानित करने के उद्देश्य से की जा रही है जिन्होंने देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए उस दौर में कष्ट सहे थे।
वर्तमान में लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को मिलने वाली पेंशन राशि को अपर्याप्त माना जा रहा है। महंगाई और अन्य आर्थिक कारणों को देखते हुए, पेंशनभोगियों और उनके समर्थकों का मानना है कि 50 हजार रुपये की राशि उन्हें कुछ हद तक आर्थिक संबल प्रदान करेगी। यह मुद्दा उन लोगों के योगदान को मान्यता देने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम भी है। सांसद की पहल से इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में ऐसे सेनानियों को उचित सम्मान और आर्थिक सहायता मिल सके।
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