{"_id":"6955239f99e3622d0d079cae","slug":"video-mustard-crops-are-flourishing-in-ganges-plains-2025-12-31","type":"video","status":"publish","title_hn":"गंगा की तराई में लहलहाने लगी सरसों की फसल; VIDEO","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा के तराई व तटवर्ती गांवों के खेतों में सरसों की फसल लहलहाने लगी है। किसानों का मानना हैं कि अगर प्रकृति ने साथ दिया, तो इस साल दलहनी के साथ तिहलनी फसलों की पैदावार अच्छी होने का संभावना है। चहनिया ब्लॉक के कावर, महड़ौडा, विशुपुर, सराय, महुअर, सोनबरसा, नादी, तीरगांवा सहित अन्य गंगा की तराई वाले गांवों के किसानों के खेतों में इस समय फसलों में मुख्य रूप से चना, मसूर, मटर के अलावा तिलहनी फसलें सरसों, तीसी, आलू की फसलें खेतों में लहलहा रही हैं, जिससे पूरा सिवान मानो झूम रहा हैं। किसानों का कहना है कि इस वर्ष खरीफ की फसलें बाढ़ के चलते चौपट हो गई, जिससे काफी नुकसान उठाना पड़ा। अब सरसों की फसल काफी अच्छी स्थिति में हैं। इस साल गेहूं, जौ, मटर, चना, सरसों, तीसी आदि की पैदावार अच्छी हो सकती। किसानों का कहा कि सरसों, आलू, व मटर, टमाटर की फसलों को कोहरा व पाला से बचाव के लिण् दवाओं का समय से छिड़काव किया जाना आवश्यक है, जिससे उत्पादन बढ़ सके।
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