{"_id":"687f4a2cc967ed227d056cf4","slug":"video-kanapara-ma-chhata-karabra-parashana-bl-kama-brasha-ma-dab-gaya-karabra-ab-sarafa-sakal-bcaca-ka-sahara-2025-07-22","type":"video","status":"publish","title_hn":"कानपुर में छाता कारोबारी परेशान, बोले- कम बारिश में डूब गया कारोबार, अब सिर्फ स्कूली बच्चों का सहारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर में छाता कारोबारी परेशान, बोले- कम बारिश में डूब गया कारोबार, अब सिर्फ स्कूली बच्चों का सहारा
कानपुर में दो दशक से लगातार कम हो रही बारिश से बिसाती बाजार, यतीमखाना और खपरा मोहाल का छाता कारोबार धीरे-धीरे सिमटता जा रहा है। 10 से 15 साल पहले यहां आठ से 10 छाता बनाने के कारखाने थे, जो अब दो या तीन ही बचे हैं। ऊपर से सरकार ने जीएसटी लागू करने के साथ ही 12 फीसदी टैक्स लगा दिया है, जबकि पहले कोई कर नहीं लगता था। अब स्कूली बच्चों के सहारे यह कारोबार चल रहा है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।