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मन से मिटेगा राग-द्वेष, तभी जीवन से खत्म होगा क्लेश, VIDEO
आदि सत्य संत रविदास फाउंडेशन कड़िया घोरावल की ओर से रविवार को मारकुंडी इको प्वाइंट के पास सत्संग का आयोजन हुआ। संत सोहन दास ने गुरुजी के संदेशों को बताया। चुनार के बरेवा से आए जत्थे ने कीर्तन किया। इस दौरान भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर प्रसाद ग्रहण किया।
सत्संग में संत सोहन दास ने कहा कि समाज में समरसता और एकता लाना ही संतों का उद्देश्य रहा है। पूरा बहुजन समाज एक है। आपस में किसी तरह के जाति-पाति का भेद न रखें। जब तक मन में राग-द्वेष है, तब मन से क्लेश नहीं मिट सकता। सच्चा सुख और शांति पाना है तो मन से राग-द्वेष को मिटाना होगा। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का मुख्य उद्देश्य सेवा, सुमिरन और सत्संग रहा है। वह इसी में रमते हुए अपने संपूर्ण जीवन को लगा दिया। संत रविदास भी उनमें से एक थे। आज हमें उनके आदर्शों और संदेशों पर अमल करने की जरूरत है। समाज में एकजुटता लाना होगा। आपसी भेदभाव मिटाना होगा। परोपकार, एकता और समानता को जीवन में धारण करें, तभी मानव जन्म का मनोरथ पूरा हो सकेगा। कार्यक्रम में संत इंद्रलाल, शालिक दास, साधु दास, शंकर दास, बाबूलाल दास, राजेंद्र महाराज, अलिन दास, संतू, नंदलाल, प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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