{"_id":"68e388e329f9c209440a1148","slug":"video-40-tonnes-of-potatoes-and-kidney-beans-are-being-wasted-in-munsiyari-villages-due-to-lack-of-roads-2025-10-06","type":"video","status":"publish","title_hn":"मुनस्यारी के गांवों में सड़क के अभाव में बर्बाद हो रही आलू-राजमा की फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुनस्यारी के गांवों में सड़क के अभाव में बर्बाद हो रही आलू-राजमा की फसल
पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी विकासखंड के गोल्फा, बोना और तोमिक गांव आलू और राजमा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां हर साल 40 टन से अधिक आलू और 15 टन से अधिक राजमा का उत्पादन होता है। फसल तैयार है और किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें हैं। ऐसा इसलिए कि पांच साल बाद भी गांवों तक सड़क नहीं पहुंची है। ऐसे में किसानों के लिए आलू और राजमा को सात से 15 किलोमीटर दूर पहुंचाना चुनौती भरा होता है। इसमें भाड़ा अधिक लगने से लागत भी नहीं निकल पाती। ऐसे में किसान इन उत्पादों को बाजार पहुंचाने से हाथ पीछे खींचते हैं और आलू, राजमा खेतों और घरों में सड़कर बर्बाद होता है। फसल तैयार होते ही किसानों की चिंता फिर से बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि गांवों तक सड़क पहुंचती तो उन्हें भी अपनी मेहनत का उचित फल मिलता और उनकी आजीविका में सुधार होता।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।