कई दिनों से पूरे प्रदेश को आतंकित किए हुए टिड्डी दल ने मंगलवार को जिले के मेजा विकास खंड की कोरांव तहसील में हमला बोल दिया। तीन किलोमीटर लंबे और एक किमी चौड़े आकार में टिड्डी दल को देख किसान दहशत में आ गए। सूचना पर प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर जाकर खेतों में छिड़काव शुरू करा दिया। टिड्डी के दल का एक छोटा झुंड झूंसी भी पहुंच गया, जिससे आम नागरिकों समेत ग्रामीणों में हड़कंप मच गया
टिड्डी दल ने प्रयागराज के कोरांव में बोला हमला, मचा रहा हड़कंप, देखें तस्वीरें
कोरांव के कल्याणपुर, सहजनीपुर में शाम सात बजे आसमान में लाखों की संख्या में टिड्डियां अचानक छा गईं, जिससे अफरा-तफरी मच गई। किसानों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी तो उप कृषिनिदेशक विनोद कुमार शर्मा, जिला कृषि अधिकारी आश्विन कुमार सिंह, एसडीएम संदीप कुमार वर्मा मौके पर पहुंच गए। फायरब्रिगेड की चार गाड़ियां व ट्रैक्टर मंगाकर खेतों में कीटनाशक का छिड़काव शुरू करा दिया गया।
बीडीओ रमाशंकर ने बताया कि छह से सात किलोमीटर तक के दायरे में लाखों की संख्या में टिड्डियां मंडरा रहीं थीं। देर रात तक अफसर मौके पर डटे रहे। टिड्डियों के हुए हमले से किसानों की नींद उड़ गई।
कोरांव में घुसे टिड्डी दल का एक झुंड झूंसी में भी घुस गया। बड़ी संख्या में टिड्डियों को आते देख लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए। झूंसी के छतनाग, मुंशी का पुरा गांव से लेकर कछार के बदरा-सोनौटी इलाके में लाखों की तादाद में टिड्डियां देखी गईं। बाद में टिड्डियों का यह दल कछारी गांव से होते हुए फूलपुर की ओर बढ़ गया।
देर रात जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि टिड्डियों से निपटने के लिए हमने पहले ही रणनीति बना रखी थी। सभी अफसर कल्याणपुर पहुंच गए हैं। टिड्डियों के हमले की चपेट में कल्याणपुर, इटवा व सोहागी गांव आए हैं। फायरब्रिगेड की तीन और गाड़ियां मंगाई गई हैं और कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है।
जिले में टिड्डी दल की आमद, कंट्रोल रूम का फोन खामोश
जिले में मंगलवार को टिड्डी दल ने कोरांव व झूंसी में हमला बोल दिया, लेकिन टिड्डी दल के हमले की सूचना और जानकारी के लिए स्थापित कंट्रोल रूम का फोन खामोश रहा। जारी मोबाइल नंबर भी तमाम प्रयास के बाद नहीं उठा।
लोगों ने डीओ आफिस में स्थापित कंट्रोल रूम के लैंड लाइन नंबर 0532-2548131 पर फोन किया लेकिन घंटी बजती रही किसी ने उठाया नहीं। रात में भी लोग टिड्डी दल के बारे में जानकारी और बचाव के लिए फोन करते रहे, लेकिन दूसरी तरफ से नो रिप्लाई ही आया। इसी तरह तरह जिला कृषि रक्षा अधिकारी की ओर से जारी मोबाइल नंबर 9455417886 कनेक्ट ही नहीं हुआ। बीच में एक बार घंटी बजी लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई।
