उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के सोरांव थाना इलाके में वाराणसी-कानपुर हाईवे पर बिगाहियां पुल के पास सोमवार तड़के हादसे में सेना से सेवानिवृत्त जवान, उनकी पत्नी समेत चार लोगों की मौत हो गई जबकि तीन महिलाएं घायल हो गईं। सभी का एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है। बिहार के गया से पिंडदान कर बोलेरो से घर लौटते समय गाड़ी खराब होने पर सभी हाईवे किनारे आराम कर रहे थे। तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने खड़ी बोलेरो में पीछे से टक्कर मार दी।
मूलरूप से कानपुर देहात के मूसानगर गांव गुलौली के रहने वाले सुरेश बाजपेयी (61) व उनकी पत्नी तारा देवी (58), सुरेश सैनी (60) व उनकी पत्नी प्रेमा देवी (56), प्रेम नारायण पांडेय (59) व उनकी पत्नी ममता (56) और राम सागर अवस्थी (55) व उनकी पत्नी कोमल देवी (56) पिंडदान करने गया, बिहार गए थे।
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हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घर लौटने के दौरान तड़के करीब 3:45 बजे बिगाहियां गांव के पास वाराणसी-कानपुर हाईवे पर इनकी गाड़ी खराब हो गई। इस बीच सभी लोग हाईवे किनारे गाड़ी के आगे आराम करने लगे। तभी अज्ञात वाहन चालक ने बोलेरो में टक्कर मार दी।
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हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे में सुरेश बाजपेयी, तारा देवी, सुरेश सैनी और राम सागर अवस्थी की मौके पर मौत हो गई, जबकि प्रेमा, ममता और कोमल गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। सभी को एसआरएन अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं, प्रेम नारायण पांडेय हादसे में बाल-बाल बच गए। सोरांव थाना पुलिस ने सुरेश बाजपेयी के बेटे सागर की तहरीर पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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मृतक राम सागर की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार सितंबर को घर से निकले थे
पुलिस जांच में पता चला कि सभी एक ही गांव के रहने वाले हैं। चार सितंबर को सभी आठ लोग गया के लिए निकले थे। 31 हजार में गाड़ी बुक की थी। रामू शर्मा उर्फ अजय शर्मा गाड़ी चला रहा था। बिगाहियां पुल के पास पहुंचते ही बोलेरो खराब हो गई। राजू हाईवे के किनारे गाड़ी खड़ी कर मिस्त्री बुलाने चला गया, तभी हादसा हो गया।
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हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पापा ने कहा- इंतजार मत करना, रास्ते में गाड़ी खराब हो गई है... सुबह नहीं आ पाऊंगा
प्रयागराज पहुंच गया हूं लेकिन यहां हाईवे पर गाड़ी खराब हो गई है। ठीक करवाने में सुबह हो जाएगी, इंतजार मत करना सुबह नहीं आ पाऊंगा। मंडी से फूल मंगवा लेना... यह आखिरी शब्द सुरेश सैनी के थे। सोमवार को पिता की मौत की सूचना पर एसआरएन पहुंची सुरेश की बेटी सोनम यह बताते हुए फफक पड़ी।