{"_id":"69da876725d7e907ee058261","slug":"food-department-destroys-1200-liters-of-synthetic-milk-2026-04-11","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सहालग में सक्रिय मिलावटखोर: खाद्य विभाग की टीम ने सिंथेटिक दूध पकड़ा, आ रही थी बदबू; नष्ट कराया 1200 लीटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहालग में सक्रिय मिलावटखोर: खाद्य विभाग की टीम ने सिंथेटिक दूध पकड़ा, आ रही थी बदबू; नष्ट कराया 1200 लीटर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 11 Apr 2026 11:09 PM IST
विज्ञापन
सार
खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर ही मोबाइल लैब मंगवाई और दूध की जांच की गई तो उसमें रिफाइंड मिला। दुर्गंध भी आ रही थी। दूध को तत्काल नष्ट करा दिया गया। लैब में जांच के लिए नमूना लिया गया है।
नष्ट कराया सिंथेटिक दूध।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन
विस्तार
शादी समारोह में दूध की बढ़ती मांग को देखते हुए मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। शनिवार को राजस्थान के धौलपुर से लाए जा रहे सिंथेटिक दूध को खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारकर पकड़ लिया। दूध से दुर्गंध आ रही थी। मौके पर ही मोबाइल लैब से की गई जांच में दूध में रिफाइंड पाया गया। सेहत के लिए खतरनाक 1200 लीटर सिंथेटिक दूध को नष्ट करा दिया गया।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर किरावली के दक्षिणी बाईपास करहरा गांव, नगला सिकरवार पर टीम लगा दी। सुबह करीब 10 बजे टैंकर आता दिखा। टैंकर रुकवाकर धौलपुर निवासी चालक प्रेम नारायण से दूध की रसीद मांगी तो उसने मना कर दिया।
Trending Videos
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर किरावली के दक्षिणी बाईपास करहरा गांव, नगला सिकरवार पर टीम लगा दी। सुबह करीब 10 बजे टैंकर आता दिखा। टैंकर रुकवाकर धौलपुर निवासी चालक प्रेम नारायण से दूध की रसीद मांगी तो उसने मना कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूछताछ में चालक ने बताया कि वह धौलपुर से दूध लेकर आ रहा है और इसे डेयरी पर ले जाना है। इसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर ही मोबाइल लैब मंगवाई और दूध की जांच की गई तो उसमें रिफाइंड मिला। दुर्गंध भी आ रही थी। दूध को तत्काल नष्ट करा दिया गया। लैब में जांच के लिए नमूना लिया गया है।
मांग पर तैयार करते हैं सिंथेटिक दूध, दोगुना मुनाफा
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि चालक से पता चला कि सहालग शुरू होने पर दूध की मांग दोगुना से अधिक हो गई है। इससे पनीर समेत अन्य सामग्री बनाने में उपयोग किया जाता है। मांग के आधार पर दूध तैयार करते हैं। सिंथेटिक दूध की लागत 25 रुपये आती है और इसे 50 रुपये में डेयरी वालों को बेचते हैं, जिसे डेयरी संचालक ग्राहकों को और ऊंची कीमत पर बेचते हैं। होली पर भी धौलपुर से आ रहा नकली पनीर और खोआ पकड़ा गया था। मिलावटी-नकली सामग्री की शिकायत टोलफ्री नंबर 18001805533 पर कर सकते हैं।
पेट रोग का खतरा
एसीएमओ डॉ. नंदन सिंह का कहना है मिलावटी और नकली सामग्री के खाने-पीने से पेट रोग का सबसे ज्यादा खतरा है। फूड पॉइजनिंग और पेट में दर्द की शिकायत भी बन सकती है। लंबे समय तक इसके उपयोग से किडनी, लिवर और अल्सर होने का भी खतरा रहता है।
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि चालक से पता चला कि सहालग शुरू होने पर दूध की मांग दोगुना से अधिक हो गई है। इससे पनीर समेत अन्य सामग्री बनाने में उपयोग किया जाता है। मांग के आधार पर दूध तैयार करते हैं। सिंथेटिक दूध की लागत 25 रुपये आती है और इसे 50 रुपये में डेयरी वालों को बेचते हैं, जिसे डेयरी संचालक ग्राहकों को और ऊंची कीमत पर बेचते हैं। होली पर भी धौलपुर से आ रहा नकली पनीर और खोआ पकड़ा गया था। मिलावटी-नकली सामग्री की शिकायत टोलफ्री नंबर 18001805533 पर कर सकते हैं।
पेट रोग का खतरा
एसीएमओ डॉ. नंदन सिंह का कहना है मिलावटी और नकली सामग्री के खाने-पीने से पेट रोग का सबसे ज्यादा खतरा है। फूड पॉइजनिंग और पेट में दर्द की शिकायत भी बन सकती है। लंबे समय तक इसके उपयोग से किडनी, लिवर और अल्सर होने का भी खतरा रहता है।