E-Shram: श्रमिकों को मिली डिजिटल पहचान, यूपी में ई-श्रम से जुड़े आठ करोड़ मजदूर, प्रयागराज सबसे आगे
उत्तर प्रदेश में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या जर्मनी (8.4 करोड़), तुर्किये (8.5 करोड़) और ईरान की कुल आबादी 8.60 करोड़ के बराबर है। राज्यों से तुलना करें तो तमिलनाडु (7.5 करोड़) और मध्य प्रदेश की कुल आबादी 8.5 करोड़ की तुलना में उत्तर प्रदेश के श्रमिकों की संख्या बराबर है।
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उत्तर प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के श्रमिक तेजी से ई-श्रम पोर्टल से जुड़ रहे हैं। प्रदेश में अब तक 8.43 करोड़ श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। इनमें से 23,13,138 पंजीयन के साथ प्रयागराज शीर्ष पर है। पहली बार प्रदेश में असंगठित श्रमिकों को डिजिटल पहचान मिल रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि मजदूरों को दुर्घटना बीमा से लेकर प्रति माह तीन हजार रुपये तक पेंशन का लाभ भी मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या जर्मनी (8.4 करोड़), तुर्किये (8.5 करोड़) और ईरान की कुल आबादी 8.60 करोड़ के बराबर है। राज्यों से तुलना करें तो तमिलनाडु (7.5 करोड़) और मध्य प्रदेश की कुल आबादी 8.5 करोड़ की तुलना में उत्तर प्रदेश के श्रमिकों की संख्या बराबर है। श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 26 अगस्त 2021 से शुरू हुई ई-श्रम योजना ने बीते वर्षों में लगातार रफ्तार पकड़ी है। योजना के तहत मिलने वाला दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर, दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता और पेंशन का विकल्प श्रमिकों को आकर्षित कर रहा है। प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर पंजीकरण हुआ है।
राजधानी लखनऊ में 15,53,870 और औद्योगिक शहर कानपुर में 15,41,821 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। यह संकेत देता है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में असंगठित श्रमिक बड़ी संख्या में योजना से जुड़ रहे हैं। आंकड़े यह भी बताते हैं कि योजना में लोगों की भागीदारी बढ़ी है। 3.82 करोड़ श्रमिकों ने स्वयं पंजीकरण किया, जबकि 4.57 करोड़ ने कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से योजना से जुड़ाव किया। एनसीआर की तुलना में अलीगढ़ मंडल का प्रदर्शन बेहतर है। नोएडा में 5,82,040 और गाजियाबाद में 9,58,997 श्रमिक पंजीकृत हैं, जबकि अलीगढ़ जिले में यह संख्या बढ़कर 14,58,602 पहुंच गई है।
युवा श्रमिक अपना पंजीकरण ई-श्रम पोर्टल पर करा रहे हैं। इन सभी श्रमिकों को दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर दिया जाता है। दिव्यांगता होने पर भी दो लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाती है। श्रमिक अपनी ओर से अंशदान कर पेंशन का कवर भी ले सकता है।- नदीम अहमद, डिप्टी लेबर कमिश्नर अलीगढ़।
दुर्घटना के बाद इन्हें मिला क्लेम
केस-एक- सिलाई करने वाली पुष्पा का 13 फरवरी 2022 को बिहार के मधुबनी में एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई। उनके पति नीतिश कुमार राय ने बताया कि अलीगढ़ में काम करने के दौरान ही उन्होंने ई-श्रम पोर्टल पर पुष्पा का पंजीकरण कराया था, जिससे उन्हें दुर्घटना बीमा का क्लेम मिला। हाल ही में उन्हें दो लाख रुपये का भुगतान मिला है। जिससे वह अपने बेटे का मुंडन और घर के और काम पूरे कर पा रहे हैं।
केस- दो- अतरौली के गांव नगला सरदार कासिमपुर खुशीपुरा निवासी पुष्पा देवी ने बताया कि उनके पति सुरेश सिंह की मृत्यु हो गई थी। पति मजदूरी करते थे उन्होंने अपना ई-श्रम कार्ड बनवा रखा था। पति ने ही बताया था कि यदि कुछ हो जाए तो सरकार से मदद मिल जाएगी। कार्ड को लेकर श्रम विभाग में संपर्क किया तो वहां से बताया गया कि पैसा मंजूर हो गया है, जल्द ही मिल जाएगा।
केस-तीन- अतरौली तहसील के गांव सालारपुर निवासी शिव कुमार ने बताया कि उनके पुत्र शैलेश कुमार की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उसने ई-श्रम कार्ड बनवाया था। जनसेवा केंद्र से जानकारी मिली कि पुत्र का दो लाख रुपये का बीमा कवर है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया और श्रम विभाग में गए तो वहां से पता चला कि क्लेम मंजूर कर लिया गया है, जल्द ही धनराशि खाते में पहुंच जाएगी।
प्रदेश के 10 शीर्ष जिले, यहां सबसे ज्यादा मजदूर
- प्रयागराज: 23,13,138
- जौनपुर: 21,55,395
- सीतापुर: 20,81,886
- बरेली: 19,59,511
- आजमगढ़: 19,44,527
- गोरखपुर: 19,40,580
- खीरी: 18,86,278
- आगरा: 17,71,474
- कुशीनगर: 16,38,275
- लखनऊ: 15,52,904
अलीगढ़ मंडल
- अलीगढ़: 14,59,155
- हाथरस: 6,97,307
- एटा: 7,77,012
- कासगंज: 6,39,966
- कुल: 35,73,440
