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बांदा: राज्यपाल बोलीं- शिक्षा में हासिल गोल्ड से दूसरे को दहेज में गोल्ड देने के लिए मजबूर न करना
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 03 Oct 2019 02:26 PM IST
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बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गुरुवार को बांदा में कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पांचवे दीक्षांत समारोह में पहुंची। समारोह में राज्यपाल ने 55 छात्रों को बीएससी (आनर्स) कृषि एवं 48 छात्रों को बीएससी (आनर्स) उद्यान की उपाधि दी। यहां उन्होंने छात्रों को दहेज पर नसीहत दी।
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बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह
- फोटो : अमर उजाला
राज्यपाल ने छात्रों से कहा कि शिक्षा में हासिल गोल्ड से किसी दूसरे को गोल्ड देने के लिए मजबूर न करना। इस उपलब्धि का इस्तेमाल अच्छे राष्ट्र और गांव के निर्माण में करें। विवाह समय में गोल्ड पाने के लिए नहीं। क्योंकि जितनी ऊंची डिग्री-उतना ऊंचा गोल्ड। छात्रओं से कहा कि कोई दहेज की मांग करता है तो उससे शादी से इनकार कर दो।
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बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह
- फोटो : अमर उजाला
यहां उन्होंने कहा है कि अन्ना गायों का हाल बेहद चिंतनीय है। अन्ना गायों का दूध निकालने के बाद बुड्ढा होने पर उन्हें निकाल देते हैं। यह गंभीर और चिंता की बात है। गुजरात में सरकार बीपीएल वालों को गाय भेंट करती है। पीएम नरेंद्र भाई की यह योजना आज भी चल रही है और अब वही बीपीएल धारक दूध बेंचकर इतने सशक्त हो गए कि अपना बीपीएल कार्ड सरेंडर कर दिया। यहां बुंदेलखंड में भी गायों को महत्च दिया जाने लगे तो अन्ना शब्द मिट जाएगा।
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बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह
- फोटो : अमर उजाला
कुपोषण पर स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालय को नसीहत देते हुए सुझाव दिया कि गृह विज्ञान बालिकाओं के लिए महत्वपूर्ण है। सिलेबस में यह शामिल किया जाना भी जरूरी है कि किस उम्र में बालिकाओं को क्या भोजन करना चाहिए। इसकी उन्हें शिक्षा मिलनी चाहिए कि गर्भवती होने पर क्या पौष्टिक भोजन बनाना चाहिए।
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बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह
- फोटो : अमर उजाला
आज यह हालत हैं कि बालिकाओं का हीमोग्लोबिन 7 ग्राम से ज्यादा नहीं होता, जबकि 13 होना चाहिए। ऐसे में कैसे स्वस्थ समाज की कल्पना की जाए। नसीहत दी कि अभिभावक बेटों के साथ बेटियों के खानपान पर भी ध्यान दें।
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