UP: सोन नदी और रिहंद जलाशय में डूबे चार किशोरों का शव बरामद, 18 से 24 घंटे तक चली तलाश; लाशें देख परिजन बेसुध
Sonbhadra News: सोनभद्र में सोन नदी और रिहंद जलाशय में डूबे चार किशोरों के शव 18 से 24 घंटे की तलाश के बाद बरामद कर लिए गए। कोन थाना क्षेत्र के हर्रा गांव में सोन नदी में डूबे एक किशोर का शव घटनास्थल से एक किलोमीटर और दूसरे का 600 मीटर दूर मिला। शव देखते ही परिजन बेसुध हो गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
UP News: नहाने के दौरान मंगलवार को सोन नदी और रिहंद जलाशय में डूबे चार किशोरों का शव बुधवार को बरामद हुआ। पुलिस और गोताखोरों की टीम 18 से 24 घंटे तक तलाश में लगी रही। कोन थाना क्षेत्र के हर्रा गांव में डूबे पवन का शव घटनास्थल से एक किमी दूर तो कृष्णा का 600 मीटर दूर पाया गया। दोनों तेज धारा में बह गए थे। वहीं रिहंद जलाशय में डूबे पीयूष का शव दोपहर में बाहर निकाला गया, जबकि अंकित का शव शाम 7 बजे मिला।
कोन थाना क्षेत्र के रोगहीं निवासी अरविंद निषाद का पुत्र कृष्णा (13) और नैकाहा निवासी मुखलाल निषाद का पुत्र पवन (14) कुछ दोस्तों के साथ हर्रा गांव के सोनझर टोला के पास सोन नदी में नहाने गए थे। गहरे पानी में जाने से दोनों डूब गए। तेज धारा में फंसकर बहकर दूर चले गए।
घटना की जानकारी पाकर पहुंचे पुलिस और परिजनों ने गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। बुधवार की सुबह फिर से सर्च अभियान शुरू हुआ। सुबह करीब आठ बजे पवन का शव घटनास्थल से एक किमी दूर बरामद हुआ।
इसी के आसपास कृष्णा की भी तलाश की जा रही थी, लेकिन उसका 600 मीटर की दूरी पर था। दोनों शव को बाहर निकालने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव मिलते ही परिजनों की उम्मीद भी टूट गई। उनका रो-रोकर बुरा हाल था।
दूसरी ओर शक्तिनगर थाना क्षेत्र में कोटा बोट प्वाइंट पर नहाने के दौरान अंकित दास (17) व पीयूष सिंह (17) रिहंद जलाशय में डूब गए थे। खोजबीन के दौरान जलाशय किनारे दोनों के कपड़े और अन्य सामान मिले। बुधवार को चले सर्च अभियान के दौरान पीयूष सिंह का शव जलाशय से बरामद कर लिया गया।
वहीं दूसरे किशोर अंकित दास का शव शाम करीब 7 बजे बरामद हुआ। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बुधवार को चले तलाशी अभियान के दौरान एसडीएम, सीओ, प्रभारी निरीक्षक शक्तिनगर सत्येंद्र राय सहित पुलिस व गोताखोरों के साथ बोट लेकर मछली ठेकेदार के कर्मचारी मौजूद रहे।