UP: हाथों में पत्थर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं महिलाएं, कहा- ब्लास्टिंग के दौरान घरों पर गिरते हैं टुकड़े; ज्ञापन
Sonbhadra News: गोंडवाना बस्ती की महिलाएं बुधवार को हाथों में पत्थर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और पत्थर खदान के संचालन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि खदान में ब्लास्टिंग के दौरान पत्थरों के टुकड़े घरों पर गिरते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। महिलाओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
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बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत के खैरटिया टोला स्थित गोंडवाना बस्ती के निकट संचालित पत्थर खदान को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बुधवार को बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचीं महिलाओं ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई। महिलाओं ने हाथ में पत्थर के टुकड़े दिखाते हुए आरोप लगाया कि हैवी ब्लास्टिंग से टूटकर पत्थर के टुकड़े उनके घरों में गिर रहे हैं।
ग्रामीण पार्वती विश्वकर्मा सहित अन्य के अनुसार विस्फोट के दौरान होने वाले तेज धमाकों और कंपन से पूरा इलाका हिल जाता है। लगातार हो रही ब्लास्टिंग का असर अब रिहायशी मकानों पर भी दिखाई देने लगा है। कई घरों की दीवारों और छतों में दरारें उभर आई हैं, जिससे परिवारों में चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विस्फोट के समय पत्थरों के टुकड़े काफी दूर तक उछलकर खेतों और आबादी वाले क्षेत्र तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना घट सकती है। बस्ती के लोगों का कहना है कि हर ब्लास्टिंग के समय भय का माहौल बन जाता है और महिलाएं, बच्चे तथा बुजुर्ग खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि खदान आबादी के काफी नजदीक संचालित की जा रही है, जबकि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी निगरानी नहीं होने के कारण स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने खदान में जारी खनन कार्य और ब्लास्टिंग गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने खनन विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों के अनुपालन की भी जांच कराने की मांग की है।
प्रकरण संज्ञान में आया है। ग्रामीणों से संवाद कर मामले की जानकारी ली जाएगी। जांच के बाद समुचित कार्रवाई होगी। - विवेक कुमार सिंह, एसडीएम, ओबरा।