{"_id":"69fd89455f0ebf93740d42a9","slug":"bulldozers-roll-on-mahamaya-hill-houses-of-20-encroachers-demolished-in-reserve-forest-ambikapur-news-c-1-1-noi1488-4255544-2026-05-08","type":"video","status":"publish","title_hn":"अंबिकापुर: महामाया पहाड़ पर वन विभाग का बुलडोजर चला, 20 अवैध मकान किए गए ध्वस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंबिकापुर: महामाया पहाड़ पर वन विभाग का बुलडोजर चला, 20 अवैध मकान किए गए ध्वस्त
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर Published by: अंबिकापुर ब्यूरो Updated Fri, 08 May 2026 12:50 PM IST
Link Copied
सरगुजा जिले के अंबिकापुर शहर से लगे महामाया पहाड़ स्थित रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में वन विभाग ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की है। शुक्रवार सुबह वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम बुलडोजर के साथ डबरीपानी क्षेत्र पहुंची। यहां अवैध रूप से बने मकानों को ढहाया गया।
वन विभाग के अनुसार, महामाया पहाड़ के कक्ष क्रमांक 2581 और 2582 में अवैध कब्जों को हटाने के लिए मार्च 2026 में 157 लोगों को अंतिम बेदखली नोटिस जारी किया गया था। भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने आरोप लगाया कि नोटिस अवधि 27 मार्च को समाप्त होने के बाद भी कार्रवाई में देरी हुई।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इसकी शिकायत की थी। इसके बाद सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत के मार्गदर्शन में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेज की।
गुरुवार रात वन विभाग की टीम ने डबरीपानी क्षेत्र में पहुंचकर मकान खाली करने की घोषणा की। संबंधित नोटिस भी चस्पा किए गए। अगले ही दिन शुक्रवार सुबह फॉरेस्ट एसडीओ श्वेता कम्बोज के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू हुई। इसमें 20 अवैध निर्माण हटाए गए।
पार्षद आलोक दुबे ने वन विभाग पर अंतिम बेदखली नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर दूसरे राज्यों से आए समुदाय विशेष के लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद ही प्रशासन हरकत में आया। अब अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
फॉरेस्ट एसडीओ श्वेता कम्बोज ने बताया कि चिन्हित 157 अतिक्रमणकारियों में कुछ लोगों को हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिला है। उनके खिलाफ फिलहाल कार्रवाई नहीं की जा रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंह देव ने कहा कि गैर कानूनी कब्जे पर बेदखली की कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने भूमाफियाओं के साथ मिलकर कब्जा बेचने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर भी कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों ने 2-2 लाख रुपये तक लेकर कब्जा बेचा है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।