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सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर कांग्रेस के सवाल: 200 करोड़ की इमारत तैयार, सुविधाएं अधूरी; निजीकरण की आशंका जताई
बिलासपुर जिले के कोनी स्थित लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 220 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पूर्व ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण और मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बावजूद अस्पताल आज तक अपनी पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो पाया है।
उनका कहना है कि अत्याधुनिक भवन तैयार होने के बावजूद मरीजों को अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। विजय केशरवानी ने कहा कि इस अस्पताल से बिलासपुर संभाग के हजारों गरीब, किसान, मजदूर और आम नागरिकों को हृदय, किडनी, मस्तिष्क सहित गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर मिलने की उम्मीद थी, लेकिन आज भी कई आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण गंभीर मरीजों को सिम्स मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जा रहा है।
कांग्रेस का आरोप है कि अस्पताल में अब तक 24 घंटे की इमरजेंसी सेवा, ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब, पूर्ण सुविधाओं वाली एंबुलेंस, पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं हो सकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल स्वयं गंभीर मरीजों का उपचार करने में सक्षम नहीं है, तो इसका वास्तविक लाभ जनता को कब मिलेगा।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने 29 अक्तूबर 2024 को अस्पताल का लोकार्पण किया था और मुख्यमंत्री भी व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चुके हैं। इसके बावजूद करीब डेढ़ वर्ष बाद भी अस्पताल पूरी तरह संचालित नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि केवल भवन का निर्माण और उद्घाटन कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि अस्पताल में तत्काल ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब और अन्य आवश्यक उपकरण स्थापित किए जाएं। साथ ही नियमित विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती कर 24 घंटे की इमरजेंसी सेवा तथा अत्याधुनिक एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अस्पताल का नाम दिवंगत वरिष्ठ नेता दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर रखे जाने का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने कहा कि उनके नाम की गरिमा बनाए रखने के लिए अस्पताल का पूर्ण संचालन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला से भी अपेक्षा जताई गई कि यदि भविष्य में अस्पताल के निजीकरण का प्रयास किया जाता है, तो वे जनता के हित में स्पष्ट रुख अपनाएं।
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